Maharashtra Board Solutions for Class 5- Hindi Sulabhbharati (Part 2): स्वयं सध्ययन
Questions and Answers
1. चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ
प्रश्न 1.
चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ


Additional Important Questions and Answers
प्रश्न 1.
संकेत के आधार पर कहानी लिखना:
उत्तर:
(क) एक किसान – मुर्गी खरीदना – सोने का अंडा देना – किसान का खुश होना – शीघ्र धनवान बनने का लालच – मुर्गी का पेट चौरना – एक भी अंडा न मिलना – मुर्गी का मरना – किसान का पछताना।
एकता में बल:
कहानी – एक दिन आकाश में ढेर सारे कबूतर उड़ रहे थे। नीचे एक बहेलिया खड़ा उन्हें देख रहा था। बहेलिए ने उन्हें पकड़ने की तरकीब सोची। उसने दाना डालकर जाल बिछा दिया। कबूतर दाना चुगने आए और जाल में फंस गए। उन्होंने बहुत कोशिश की, पर जाल से निकल नहीं पाए। एक बुजुर्ग कबूतर ने उन्हें समझाया – हम सभी को एक साथ मिलकर उड़ना होगा और सारे कबूतर जाल समेत उड़ गए। बहेलिया हक्का-बक्का रह गया। वह उनके पीछे दौड़ा, पर उन्हें पकड़ नहीं पाया। दूर पहाड़ की खाई में कबूतर जाल समेत उतरे। वहाँ कबूतरों का दोस्त चूहा आ गया। उसने जाल कुतर दिया और सारे कबूतर मुक्त होकर आकाश में उड़ गए।
सीख – हमें हमेशा कोई भी कार्य मिलकर करना चाहिए।
लालच बुरी बला:
कहानी – एक किसान था। वह मेहनत करके अपने दिन बिता रहा था। एक दिन उसने एक मुर्गी खरीदी। अगले दिन उस मुर्गी ने एक सोने का अंडा दिया। किसान ने उस अंडे को बेच दिया। हर रोज़ वह मुर्गी एक सोने का अंडा देती। उसे बेचकर वह किसान ढेर सारे पैसे कमाने लगा। उसके मन में लालच आ गया। उसने सोचा मुर्गी के पेट को चीरकर एक ही बार में पूरे अंडे निकाल लेता हूँ। उसने मुर्गी का पेट चीर दिया, पर मुर्गी के पेट से कुछ नहीं निकला। मुर्गी मर गयी। बाद में किसान को पछतावा होने लगा। उसे इस बात का दुख हुआ कि पैसों के लालच में उसने मुर्गी की जान ले ली।
सीख – हमें कभीभी लालच नहीं करना चाहिए, क्योंकि लालच बुरी बला है।
(ख) एक कौआ – पानी की तलाश में भटकना – एक घड़े में पानी – पानी का बहुत नीचे होना – कौए की तरकीब – कंकड़ घड़े में डालना – पानी पीकर उड़ जाना।
प्यासा कौआ:
कहानी – एक प्यासा कौआ। वह पानी की तलाश में यहाँ-वहाँ भटक रहा था। बहुत कोशिशों के बाद उसे एक घड़ा दिखाई दिया। पर घड़े में पानी एकदम नीचे था। कौए को तरकीब सूझी, उसने घड़े में कंकड़ डालने शुरू किए। धीरे-धीरे घड़े का पानी ऊपर आ गया। कौए ने खुशी-खुशी पानी पिया और उड़ गया।
सीख – हमें मुसीबत अथवा कठिनाई के समय चतुराई से काम लेना चाहिए।
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Maharashtra Board Solutions for Class 5- Hindi Sulabhbharati (Part 2): स्वयं सध्ययन
Chapterwise Maharashtra Board Solutions Class 5 Hindi Sulabhbharati :
Part 1
- Chapter 1- नंदनवन
- Chapter 2- बूँदें
- Chapter 3- योग्य चुनाव
- Chapter 4- कश्मीरा
- Chapter 5- पहचान हमारी - भाग (१)
- Chapter 6- पेटूराम
- Chapter 7- बधाई कार्ड
- Chapter 8- करो और जानो
- Chapter 9- नीम
- Chapter 10- गड़ा धन
- Chapter 11- मित्रता
- Chapter 12- बचत
- Chapter 13- पहचान हमारी - भाग (२)
- Chapter 14- मैं सड़क हूँ
- Chapter 15- व्यायाम
- Chapter 16- बोलो और जानो
- स्वयं सध्ययन
Part 2
- पुनरावर्तन १
- पुनरावर्तन २
- Chapter 1- गाँव और शहर
- Chapter 2- जीवन
- Chapter 3- भाई-भाई का प्रेम
- Chapter 4- बालिका दिवस
- Chapter 5- रोबोट
- Chapter 6- जुड़े हम
- Chapter 7- (अ) बोध, (ब) समान - विरुद्ध
- Chapter 8- बीज
- Chapter 9- मुझे पहचानो
- Chapter 10- मुझे जानो
- Chapter 11- वीरों को प्रणाम
- Chapter 12- सपूत
- Chapter 13- राष्ट्रीय त्योहार
- Chapter 14- (अ) हम अलग - रूप एक, (ब) धुक-धुक गाड़ी
- Chapter 15- ज्ञानी
- Chapter 16- बचाव
- Chapter 17- निरिक्षण
- Chapter 18- चलों-चलें
- स्वयं सध्ययन
- पुनरावर्तन ३
- पुनरावर्तन ४