Class 5: Hindi Sulabhbharati Chapter 2 solutions. Complete Class 5 Hindi Sulabhbharati Chapter 2 Notes.
Maharashtra Board Solutions for Class 5- Hindi Sulabhbharati (Part 1): Chapter 2- बूँदें
Maharashtra Board 5th Hindi Sulabhbharati Chapter 2, Class 5 Hindi Sulabhbharati Chapter 2 solutions
Questions and Answers
1. कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर सुनाओ।
प्रश्न 1.
कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर सुनाओ।
2. बूंदें क्या-क्या करती हैं, बताओ ।
प्रश्न 1.
बूंदें क्या-क्या करती हैं, बताओ ।
पूरी कविता उचित हाव-भाव, लय, गति, अभिनय के साथ बार-बार सुनाएँ । दो-दो पंक्तियाँ सुनाकर विद्यार्थियों से दोहरवाएँ । कविता का सामूहिक, गुट, एकल रूप में पाठ करवाएँ । कविता प्रश्नोत्तर वारा समझाएँ । परिचित कविता उनसे कहलवाएँ ।
प्रश्न 1.
सुनो और दोहराओ:
Additional Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
प्रश्न 1.
आपका पसंदीदा मौसम कौन-सा है?
उत्तर:
मेरा पसंदीदा मौसम बारिश है।
प्रश्न 2.
बारिश की आवाज़ कैसी होती है?
उत्तर:
बारिश की आवाज़ रिमझिम – रिमझिम होती है।
प्रश्न 3.
बूंदें किसमें मिल जाती हैं?
उत्तर:
बूंदें नालों, नदियों, सागर में मिल जाती हैं।
प्रश्न 4.
वर्षा में भीगने से बचने के लिए हम किन चीज़ों का प्रयोग करते हैं?
उत्तर:
वर्षा में भीगने से बचने के लिए हम छाता या रेनकोट का प्रयोग करते हैं।
प्रश्न 5.
बादल कब गरजते हैं?
उत्तर:
वर्षा के समय बादल गरजते हैं।
प्रश्न 6.
वर्षा कौन-से महीने में आती है?
उत्तर:
वर्षा जून के महीने में आती है।
निम्नलिखित प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर लिखिए:
प्रश्न 1.
बूंदें कैसे गाती हैं?
उत्तर:
रिमझिम।
प्रश्न 2.
खेतों, बागों और मैदानों में हरियाली कौन फैलाता है?
उत्तर:
बूंदें।
प्रश्न 3.
गरमी से तपते लोगों को बूंदें क्या पहुँचाती हैं?
उत्तर:
शीतलता।
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में पूर्ण लिखिए:
प्रश्न 1.
बूंदें धरती पर कैसे आती हैं ?
उत्तर:
बूंदें धरती पर रिमझिम-रिमझिम गाती हुई आती हैं।
प्रश्न 2.
बूंदें कहाँ से आकर सागर में मिल जाती हैं?
उत्तर:
बूंदें धरती के नालों, नदियों से होती हुई आकर सागर में मिल जाती हैं।
प्रश्न 3.
बूंदें किनका मन हरषाती हैं?
उत्तर:
बूंदें मेंढक, मोर, पपीहा और कोयल इन सभी के मन को हरषाती हैं।
प्रश्न 4.
पुरवाई के रथ पर चढ़कर बूंदें क्या करती हैं?
उत्तर:
पुरवाई के रथ पर चढ़कर बूंदें इठलाती और मुसकाती हैं।
प्रश्न 5.
‘बूंदें’ कविता में आनेवाले पक्षियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
‘बूंदें’ कविता में आनेवाले पक्षी मोर, पपीहा और कोयल हैं।
4. कविता में आए हुए लयात्मक शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए:
उदा. आती – गाती
प्रश्न 1.
1. इठलाती
2. फैलाती
उत्तर:
1. हरषाती
2. मुसकाती
प्रश्न 5.
बूंदें क्या-क्या करती हैं?
उत्तर:
बूंदें खेतों, बागों, मैदानों में हरियाली फैलाती हैं। गरमी से तपते लोगों को शीतलता पहुँचाती हैं। पशु-पक्षियों के साथ-साथ मनुष्य के मन को भी आनंद से भर देती हैं।
प्रश्न 6.
कोष्टक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(नदियों, सागर, बागों, मैदानों, हरियेली, बूंदे, धरती)
1. रिमझिम – रिमझिम गाती ……………………
…………………………. पर हैं आती बँदें।
2. खेतों. ………………………., ……………………….. में,
……………… फैलाती बूंदें।
3. धरती से नालों, ……………… में,
…………………… से मिल जाती बूंदें।
उत्तर:
1. बूंदें, धरती
2. बागों, मैदानों, हरियाली
3. नदियों, सागर
प्रश्न 7.
निम्नलिखित प्राणियों की बोलियाँ लिखिए:
- मेंढक
- मोर
- कोयल
- पपीहा
- चिड़िया
- कौआ
उत्तर:
- टर्र-टर्र
- क्वें-क्वें
- कुहू-कुहू
- पीहू-पीहू
- ची-चीं
- काँव-काँव
प्रश्न 8.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
| (अ) | (ब) |
| 1. गरमी से तपते | (अ) मुसकाती बूंदें |
| 2. शीतलता पहुँचाती | (आ) रथ पर चढ़कर |
| 3. मेंढक, मोर | (इ) हरषाती बूंदें |
| 4. सबका मन | (ई) पपीहे, कोयल |
| 5. पुरवाई के | (उ) बूंदें |
| 6. इठलाती | (ऊ) लोगों को |
उत्तर:
- लोगों को
- बूंदें
- पपीहे, कोयल
- हरषाती बूंदें
- रथ पर चढ़कर
- मुसकाती बूंदें
व्याकरण:
प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन – रूप लिखिए:
- बूंद
- नाला
- पपीहा
- कोयल
- छाता
- बच्चा
- नदी
- धरती
- रथ
- चिड़िया
- घोड़ा
- पत्ता
- डाली
- लड़की
उत्तर:
- बूंदें
- नाले
- पपीहे
- कोयल
- छाते
- बच्चे
- नदियाँ
- धरती
- रथ
- चिड़ियाँ
- घोड़े
- पत्ते
- डालियाँ
- लड़कियाँ
प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए:
- धरती
- बाग
- नदी
- सागर
- शीतल
- पपीहा
- तपते
- मुसकाना
उत्तर:
- जमीन
- बगीचा
- सरिता
- समुद्र
- ठंडा
- चातक
- गरमाते
- हँसना
प्रश्न 3.
लिंग बदलिए:
- मोर
- मेंढक
- घोड़ा
- लड़की
उत्तर:
- मोरनी
- मेंढकी
- घोड़ी
- लड़का
प्रश्न 4.
विपरीत अर्थ के शब्द लिखिए:
- धरती
- आती
- गरमी
- शीतलता
- मिलना
- हर्ष
- बाढ़
उत्तरः
- आकाश
- जाती
- ठंडी
- उष्णता
- बिछड़ना
- शोक
- सूखा
प्रश्न 5.
बिन्दु’या चंद्र बिंदु’लगाकर शब्द लिखिए:
- बूद
- खेतो
- बागो
- मैदानो
- नालो
- मेढक
- चाद
- पाच
- चोच
उत्तर:
- बूंद
- खेतों
- बागों
- मैदानों
- नालों
- मेंढक
- चाँद
- पाँच
- चोंच
कविता का सारांशः
बारिश की बूंदों के साथ वातावरण में परिवर्तन होता है। बारिश की बूंदें चारों तरफ हरियाली फैलाती हैं। गरमी से परेशान लोगों को शीतलता देती हैं। पशु-पक्षियों को भी आनंदित करती हैं। पुरवाई के रथ पर चढ़कर ये बूंदें इठलाती और मुसकाती हुई आती हैं। बारिश की ये बूंदें नालों-नदियों से होती हुई सागर में मिलती हैं।
शब्दार्थ:
- बूंदें – वर्षा की बूंदें (raindrops)
- धरती – ज़मीन (land)
- खेत – कृषि – भूमि (field)
- बाग – बगीचा (garden)
- शीतल – ठंडा (cool)
- पपीहा – एक पक्षी (cuckoo)
- हरषाना – खुश करना (to make happy)
- पुरवाई – पूरब से आनेवाली हवा (eastern breeze)
- इठलाना – इतराना
- मुसकाना – हँसना (smile)
- रिमझिम – बूंदों की आवाज़
- नाला – पानी निकलने का छोटा रास्ता
- नदी – सरिता (river)
- सागर – समुद्र (sea)
- तपना – अधिक गरमी लगना
Download PDF
Maharashtra Board Solutions for Class 5- Hindi Sulabhbharati (Part 1): Chapter 2- बूँदें
Chapterwise Maharashtra Board Solutions Class 5 Hindi Sulabhbharati :
Part 1
- Chapter 1- नंदनवन
- Chapter 2- बूँदें
- Chapter 3- योग्य चुनाव
- Chapter 4- कश्मीरा
- Chapter 5- पहचान हमारी - भाग (१)
- Chapter 6- पेटूराम
- Chapter 7- बधाई कार्ड
- Chapter 8- करो और जानो
- Chapter 9- नीम
- Chapter 10- गड़ा धन
- Chapter 11- मित्रता
- Chapter 12- बचत
- Chapter 13- पहचान हमारी - भाग (२)
- Chapter 14- मैं सड़क हूँ
- Chapter 15- व्यायाम
- Chapter 16- बोलो और जानो
- स्वयं सध्ययन
Part 2
- पुनरावर्तन १
- पुनरावर्तन २
- Chapter 1- गाँव और शहर
- Chapter 2- जीवन
- Chapter 3- भाई-भाई का प्रेम
- Chapter 4- बालिका दिवस
- Chapter 5- रोबोट
- Chapter 6- जुड़े हम
- Chapter 7- (अ) बोध, (ब) समान - विरुद्ध
- Chapter 8- बीज
- Chapter 9- मुझे पहचानो
- Chapter 10- मुझे जानो
- Chapter 11- वीरों को प्रणाम
- Chapter 12- सपूत
- Chapter 13- राष्ट्रीय त्योहार
- Chapter 14- (अ) हम अलग - रूप एक, (ब) धुक-धुक गाड़ी
- Chapter 15- ज्ञानी
- Chapter 16- बचाव
- Chapter 17- निरिक्षण
- Chapter 18- चलों-चलें
- स्वयं सध्ययन
- पुनरावर्तन ३
- पुनरावर्तन ४