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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

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Curriculum Maharashtra Board
Applicable Grade Class 9
Medium English & Hindi
Resource Format Chapter Q&A / PDF

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Curriculum & Exam Preparation Note: Regular practice of NCERT textbook exercises and chapter-end questions establishes strong conceptual clarity for primary and secondary examinations.

Class 9: Hindi Lokbharti Chapter 7 solutions. Complete Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 7 Notes.

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

Maharashtra Board 9th Hindi Lokbharti Chapter 7, Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 7 solutions

Questions and Answers

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

1. गद्यांश में ‘हेतू’ की बताई गई विशेषताएँ:

प्रश्न 1.
गद्यांश में ‘हेतू’ की बताई गई विशेषताएँ:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार


उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

2. ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

प्रश्न 1
ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

1. बरखास्त
2. हेतू
उत्तरः
1. श्रीमती दिन में दस बार हेतू को नौकरी से क्या करतीं?
2. उजड्ड गँवार और अरूप कौन था?

3. कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
रामगोपाल जी की नौकरों की खोज शिथिल हुई।
उत्तरः

हेतू के आ जाने से रामगोपाल जी के दिन कटने लगे। अत: उनकी नौकरों की खोज शिथिल हुई।

प्रश्न 2.
हेतू की तनख्वाह से कटौती होती ……………………
उत्तरः

हेतू के हाथों से कभी-कभी चीजें टूट जाती और उसके नुकसान की भरपाई स्वरूप हेतू की तनख्वाह से कटौती होती।

4. ‘नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।’ अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

नौकर और मालिक के बीच अपनापन एवं विनम्र व्यवहार होना चाहिए। मालिक का कर्तव्य है कि वह अपने नौकरों पर पुत्रवत प्रेम करें। उनके साथ मित्रता का व्यवहार करें। यदि काम करते समय उनसे कोई गलती हो जाए, तो उन पर न चिल्लाए या उनकी तनख्वाह न काटें। जरा-जरा-सी बात पर उन पर चिढ़ना नहीं चाहिए।

उन्हें ठीक से खाना-पीना देना चाहिए। यदि नौकर के परिवार पर कोई संकट आ जाए, तो मालिक को तुरंत उसके परिवार की हिफाजत हेतु कदम उठाना चाहिए या अपने नौकर को पैसे देकर गाँव भेज देना चाहिए; ताकि वह अपने परिवार की हिफाजत कर सकें। इस प्रकार नौकर और मालिक के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार होने से दो परिवार बड़ी खुशी से रह सकते हैं।

अत: स्पष्ट है कि नौकर व मालिक का व्यवहार परस्पर प्रेम व सद्भावनापरक होना चाहिए। वे एक-दूसरे के विकास में सहायक होने चाहिए। उनमें विश्वास व सम्मान का बीजारोपण होना चाहिए। उनके बीच एकता, अपनत्व, ईमानदारी व सौहार्दपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।

पठनीय

प्रश्न 1.
‘व्यक्तित्व विकास संबंधी कोई लेखापदिए।

श्रवणीय:

प्रश्न 1.
अपने गांव/शहर में आए हए किसी अपरिचित व्यकि की मदद के बारे में किसी बुजुर्ग से सुनिए और अपने विचार सुनाइए

आसपास

प्रश्न 1.
बैंक/छकयर में जाकर यहाँ के कर्मचारी एवं प्रकों के बीच होने वाले व्यवहारों स निरीक्षण कीजिए तथा न व्यवहारों के संबंध में अपनी उचित सहमति या असहमति प्रकत किजिए|

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

प्रश्न (क)
संजाल

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उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

प्रश्न (ख)
विधानों के सामने दी हुई चौखट में सत्य/असत्य लिखिए।
उत्तर:

1. अगले दिन श्रीमती ने अपना ट्रंक खोलकर चीज़ों। सत्य की पड़ताल शुरू कर दी। – [सत्य]
2. सहसा हेतू की आँखों में आँसू आ गए। – [सत्य]

प्रश्न (ग)
श्रीमती के नौकरों के बारे में विचार-
उत्तरः

  1. नौकर झूठे गलीज और लंपट होते हैं।
  2. नौकर पैसे काटते हैं।
  3. हर वक्त नौकरी की तलाश में रहते हैं।
  4. नौकरी मिल जाए तो उसी वक्त घर से बीमारी की चिट्ठी मँगवा लेते हैं।

मौलिक सृजन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुद्दों का उचित क्रम लगाकर उनके आधार पर कहानी लेखन कीजिए। (मददों का उचित कम लगाना आवश्यक है।)

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

उत्तर:
उचित क्रम: एक लड़का — शहर के महाविद्यालय में पढ़ना – छुट्टियों में गाँव आना — प्रति वर्ष सूखे की समस्या का सामना — मन में निश्चय — कुआँ खोदने का प्रारंभ — लोगों का हँसना — एक मित्र का साथ देना — लोगों का जुड़ना — कुआँ तैयार होना — कुआँ पानी से भरना लोगों का खुश होना — सीख व शीर्षक।

एकता में शक्ति

रामपुर गाँव में रहने वाला तेनाली पढ़ाई में बहुत ही होशियार था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह शहर के एक नामी विद्यालय में प्रवेश ले लिया । पढ़-लिखकर वह अभियंता बनना चाहता था। हर छुट्टियों में वह अपने गाँव जरूर आता था। बरसात कम होने के कारण हर साल उसके गाँव में सूखा पड़ जाता था जिससे गाँव वासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता था। गाँववाले पानी के लिए तरसते रहते थे। उन्हें दूसरे गाँव से पानी लाना पड़ता था।

प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी तेनाली जब गाँव आया तो उसने निश्चय कर लिया कि गाँव में कुआँ खुदवाया जाए। उसने अपनी योजना के बारे में सभी गाँववालों को बताया लेकिन गाँववाले ठहरे अनपढ़ और गँवार। सभी उस पर हँसने लगे। आखिर कोई भी उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं हुआ।

तेनाली हार मानने वालों में से नहीं था। वह बहुत ही दृढ़ निश्चयी स्वभाववाला लड़का था। उसने अकेले ही गाँव में कुआँ खोदना प्रारंभ कर दिया। सभी लोग उसे मूर्ख समझकर उस पर हँस रहे थे। तेनाली का एक मित्र था गोपाल। उसने अपने मित्र का साथ देना स्वीकार कर लिया और वह भी उसके साथ कुआँ खोदने के काम में जुड़ गया। गाँव वालों ने देखा कि गोपाल कुआँ खुदवाने में तेनाली का साथ दे रहा है। सभी गाँव वाले इस बात पर सोचने लगे। आखिर एक-एक करके सभी ने तेनाली का साथ देना शुरू कर दिया।

सभी की मेहनत रंग लाई। आखिर कुआँ खुदकर तैयार हो गया। जून का महीना आया। आसमान में काले बादल छा गए और रामपुर गाँव पर बरसात की कृपा हुई। आहिस्ता-आहिस्ता कुए में पानी इकट्ठा हो गया और वह लबालब भर गया। गाँव वाले खुश हो गए। यह तो सभी के परिश्रम का फल था। सभी ने मिल-जुलकर जो कार्य किया था आखिर उसका पारिश्रमिक उन्हें आज मिल रहा है। सीखः एकता में बल होता है। अगर हम साथ मिलकर काम करेंगे तो कुछ भी असंभव नहीं होता।

भाषा बिंद:

प्रश्न 1.
दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए।

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

उत्तरः

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

कृति (2) आकलन कृति

निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

प्रश्न 1.
1. नौकर हेतू के आने पर श्रीमती जी हर्षित हो गईं।
2. नौकर शिमला के नजदीक किसी गाँव में रहता था।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

1. हवालात
2. पलंग
उत्तर:
1. यदि नौकर चोरी करेगा तो उसे कहाँ भेज दिया जाएगा?
2. जब रामगोपाल नौकर को लेकर घर आए थे तब उनकी पत्नी कहाँ बैठी थी?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. तलाश
  2. पत्नी
  3. कर्ण
  4. दंत

उत्तर:

  1. खोज
  2. श्रीमती
  3. कान
  4. दाँत

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।

1. सस्ता × ……………
2. दाएँ × ……………..
उत्तर:
1. महँगा
2. बाएँ।

प्रश्न 3.
मानक वर्तनी के अनुसार दिए गए शब्द लिखिए।

1. कुर्दध
2. बनमानस
उत्तर:
1. क्रुद्ध
2. बनमानुष

प्रश्न 4.
निम्नलिखित एक शब्द के लिए अनेक अर्थ वाले शब्द लिखिए।

1. उत्तर
2. खोज
उत्तरः
1. एक दिशा, जवाब
2. तलाश, छानबीन, अन्वेषण

प्रश्न 5.
निम्नलिखित रेखांकित विकारी शब्दों के भेद पहचानिए।

1. दूसरे नौकर की खोज में रहो।
2. वह अपने गाँव से आया।
उत्तरः
1. भाववाचक संज्ञा
2. अकर्मक क्रिया

प्रश्न 6.
निम्नलिखित अर्थ के गद्यांश में आए हुए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए।

1. ध्यान न देना
2. हालचाल पूछना
उत्तर:
1. मुँह फेरना।
2. कुशल क्षेम पूछना।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘क्या घर पर आए नए नौकरों को धमकाना अच्छी बात होती है?’ स्वमत लिखिए।
उत्तरः

घर पर आए नए नौकरों को धमकाना बुरी बात होती है। नौकर नया हो या पुराना आखिर वह भी इंसान ही होता है। उसकी अपनी कोई-न-कोई मजबूरी होती है। इसलिए वह किसी के घर पर नौकरी करने के लिए आता है। उसके घर पर आते ही उस पर रोब जताना या उसे डराना धमकाना अच्छा नहीं है। यदि हम उनके साथ आत्मीयता से व्यवहार करेंगे तो वे भी हमें अपना मानने लगेंगे। उन्हें हमारे परिवार के प्रति प्रेम हो जाएगा। फिर वे कभी हमारे साथ बुरा सलूक नहीं कर सकते हैं। यदि हम उन्हें नौकरी पर रखते ही डराएँगे तो वे मन से क्रुद्ध हो जाएँगे और जरूर एक दिन मौका मिलते ही सब कुछ लूटकर नौ दो ग्यारह हो जाएँगे।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य लिखिए।

1. घर में बाबू रामगोपाल की हुकूमत थी।
2. श्रीमती बड़ी ही गुस्सैल स्वभाव की थीं।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 3.

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
लिंग बदलिए।
1. श्रीमती
2. नौकर
उत्तर:
1. श्रीमान
2. नौकरानी

प्रश्न 2.
वचन बदलिए।

1. नजर
2. क्रिया
उत्तर:
1. नजरें
2. क्रियाएँ

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म लिखिए।
उत्तरः

1. अस्त – व्यस्त
2. दस – दस

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग पहचानिए।

1. अरूप
2. विवाद
उत्तरः
1. ‘अ’ उपसर्ग
2. “वि’ उपसर्ग

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।

1. कोई पर विश्वास नहीं किए जा सकता।
2. सभी पैसे काटता है।
उत्तर:
1. किसी पर विश्वास नहीं किया जा सकता।
2. सभी पैसे काटते हैं।

(ग) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

प्रश्न 2.
चाबियों का गुच्छा नौकर के हाथों में रहने लगा।
उत्तरः

श्रीमती जी के बेटे के मुंडन संस्कार के दिन नजदीक आ रहे थे। अत: वह मित्र एवं सगे-संबंधियों को निमंत्रण पत्र लिखने और, शामियाने तथा बाजे का प्रबंध करने में व्यस्त हो गई थीं। इसलिए चाबियों का गुच्छा नौकर के हाथों मे रहने लगा।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

1. बेटे के मुंडन संस्कार के कारण श्रीमती जी ने नौकर पर ध्यान रखना कम कर दिया था।
2. मुंडन संस्कार के दिन घर का सारा वातावरण गंभीर हो गया था।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

1. उपहार
2. हेतू
उत्तर:
1. मित्र एवं सगे संबंधी बच्चे के लिए क्या लेकर आए?
2. मुंडन संस्कार के दिन श्रीमान काम में व्यस्त थे, ऐसे में उनके सामने कौन आकर खड़ा हो गया?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
‘प्रबंध’ शब्द में से उपसर्ग अलग कीजिए और अलग किए गए उपसर्ग से अन्य दो शब्द तैयार कीजिए।
उत्तर:

‘प्र’ उपसर्ग से बने दो नए शब्द: प्रक्रिया, प्रकृति, प्रगति

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय शब्दों का प्रयोग करके शब्द तैयार कीजिए।

1. तैयार
2. नजदीक
उत्तर:
1. तैयार + ई = तैयारी
2. नजदीक + ई = नजदीकी

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
प्रबंध
उत्तरः

व्यवस्था, अनुसंधान हेतु लिखा गया निबंध।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
क्या पुरानी प्रथाओं का आज भी पालन करना उचित है? अपना मत लिखिए।
उत्तरः

किसी ने ठीक ही कहा है; ‘छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी।’ आज जमाना बदल गया है। हम विज्ञान एवं तकनीकी युग में अपना जीवनयापन कर रहे हैं। पुरानी प्रथाएँ, हमारी मान्यताएँ एवं पुरानी विचारधारा पर आधारित हैं। अत: आज का शिक्षित समाज उनका पालन करने से पूर्व सौ बार सोचता है। उन पुरानी प्रथाओं का जरूर पालन होना चाहिए जिनमें कुछ तथ्य हो।

अन्यथा उनका पालन नहीं करना चाहिए। बच्चों का नामकरण विधि, विवाह संस्कार आदि प्रथाओं का आज हम पालन कर रहे हैं। यह उचित भी है; परंतु जिन प्रथाओं से अंधविश्वास की बू आती है उनका पालन हमें नहीं करना चाहिए।

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

सही विकल्प चुनकर लिखिए।

प्रश्न 1.
जब हेतू ने श्रीमान से गाँव जाने के लिए छुट्टी माँगी तब ……..
उत्तरः

(क) वे अतिथियों को खाना परोस रहे थे।
(ख) वे अतिथियों से बातें कर रहे थे।
(ग) वे दरवाजे पर खड़े रहकर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे।

प्रश्न 2.
मित्र संबंधियों ने चाँटे की आवाज सुनकर आँखें फेर ली क्योंकि ..

(क) नौकर को चाँटा पड़ा है।
(ख) श्रीमती जी को चाँटा पड़ा है।
(ग) पुलिस ने आकर नौकर को चाँटा मारा है।
उत्तरः
1. जब हेतू ने श्रीमान से गाँव जाने के लिए छुट्टी माँगी तब वे दरवाजे पर खड़े रहकर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे।
2. मित्र संबंधियों ने चाँटे की आवाज सुनकर आँखें फेर ली क्योंकि नौकर को चाँटा पड़ा है।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
किसने, किससे कहा?
1. छुट्टी नहीं मिलेगी।
2. मुझे घर जाना है।
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू से कहा।
2. हेतू ने श्रीमान से कहा

प्रश्न 2.
कारण लिखिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

  1. हैरान
  2. क्रोध
  3. मेहमान
  4. आवाज

उत्तर:

  1. परेशान
  2. गुस्सा
  3. अतिथि
  4. ध्वनि

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।

1. बेकाबू × …………..
2. खड़ा × ……………
उत्तरः
1. काबू
2. बैठा

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।

1. चाँटा
2. अतिथि
उत्तर:
1. चाँटें
2. अतिथिगण

निम्नलिखित वाक्य में विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
एक बार कहा ना कि तुम्हें छुट्टी नहीं मिल सकती जाते क्यों नहीं
उत्तरः

“एक बार कहा ना कि तुम्हें छुट्टी नहीं मिल सकती। जाते क्यों नहीं?”

प्रश्न 2.
गद्यांश में से शब्द-युग्म पहचानकर लिखिए।

उत्तर:
1. छुट्टी – वुट्टी
2. मित्र – संबंधियों

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्द के लिए अनेकार्थी शब्द लिखिए।
मित्र
उत्तर:

सखा, सूर्य

प्रश्न 4.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
टस से मस न होना
उत्तर:

  • अर्थ: दृढ़ रहना।
  • वाक्यः जीवन में विपरीत परिस्थितियाँ आने के बावजूद भी वीर पुरूष टस से मस नहीं होते हैं।

प्रश्न 5.
बेकाबू होना
उत्तरः

  • अर्थ: अनियंत्रित होना।
  • वाक्यः परिस्थितियाँ बेकाबू हो जाने पर सभी निष्क्रिय हो जाते हैं।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
बात को सोचे समझे बिना गुस्सा हो जाना कितना उचित होता है? अपना मत लिखिए।
उत्तर:

बात को सोचे समझे बिना गुस्सा हो जाना अनुचित होता है। व्यक्ति को समझदारी से काम लेना चाहिए। जीवन में ऐसे कई प्रसंग आते हैं; जब व्यक्ति अपना आपा खो बैठता है और क्रोध से बेकाबू होकर बिना सोचे समझे निर्णय लेता है। ऐसी स्थिति में सामने वाला व्यक्ति अपमान ही नहीं बल्कि उसे शारीरिक हानि भी पहुँचाता है।

ऐसा करना सर्वथा अनुचित है। व्यक्ति को सामने वाले की मजबूरी को समझने का प्रयास करना चाहिए। उस पर जो परेशानी आई है उसके बारे में सोचना चाहिए और सही निर्णय लेना चाहिए। ऐसा करने से ही उसके अन्य लोगों के साथ अच्छे संबंध निर्माण हो सकते हैं। ध्यान रखिए, क्रोध अपराध को जन्म देता है।

(ङ) गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 7- शिष्‍टाचार

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

1. मुंडन संस्कार में आए हुए अतिथियों ने श्रीमान-श्रीमती को समझाने का प्रयास किया।
2. लोगों द्वारा दूर किए जाने पर भी हेतू ने अपना काम करना शुरू कर दिया।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य

प्रश्न 2.
किसने, किससे कहा?

1. मुझे काम है।
2. क्यों, घर क्यों जाना चाहते हो?
उत्तर:
1. हेतू ने अपने साहब से कहा।
2. मुंडन संस्कार में आए एक संबंधी ने हेतू से पूछा।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

1. साम्य × …………….
2. होशियार × ………….
उत्तरः
1. भेद
2. मूर्ख

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए।

1. छुट्टी
2. विघ्न
उत्तर:
1. अवकाश
2. संकट

प्रश्न 3.
‘परामर्श’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग पहचानकर लिखिए।
उत्तर:

‘परा’ उपसर्ग

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त प्रत्यय पहचानिए।

1. श्रीमान
2. कड़ककर
उत्तर:
1. ‘मान’ प्रत्यय
2. ‘कर’ प्रत्यय

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
क्या किसी गरीब की कमजोरी का फायदा उठाकर उसके साथ बुरा सलूक करना अच्छा व्यवहार कहलाता है? अपना मत स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

किसी गरीब की कमजोरी का फायदा उठाकर उसके साथ बुरा सलूक करना ठीक नहीं। वास्तव में देखा जाए तो कोई गरीब हो या रईस; सभी इंसान हैं। हमें किसी की कमजोरी का फायदा नहीं उठाना चाहिए। यदि हम किसी की कमजोरी का फायदा उठाकर किसी के साथ बुरा सलूक करते हैं तो यह बहुत ही बड़ा अपराध है।

किसी को बिना वजह सताना या किसी से कुछ छीन लेना या किसी को प्रताड़ित करना दुर्व्यवहार है। ऐसा करते समय भले ही किसी को अच्छा लगता हो लेकिन बाद में उसे अपने किए गए व्यवहार पर अफसोस होने लगता है। हम भले ही लोगों को फँसा सकते हैं; लेकिन हमारा हृदय तो हमें कोसता रहता है। इसीलिए सभी के साथ अच्छा व्यवहार रखना नैतिकता का लक्षण होता है।

(च) परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
प्रस्तुत गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

1. ट्रंक
2. चाँदी
उत्तर:
1. श्रीमती ने जेवर और सूट किसमें रखे थे?
2. बटन किस धातू के थे?

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

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कृति (2) आकलन कृति

सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमान ने हेतू को घर से तब जाने दिया …………….
उत्तर:

(क) जब हेतू ने गाँव से लौट आने का वादा किया।
(ख) जब वह जोर-जोर से रोने चिल्लाने लगा।
(ग) जब श्रीमान ने उसका पूरा पता अपनी डायरी में लिख लिया।

प्रश्न 2.
श्रीमान के घर का काम पहले की तरह चलने लगा …….

(क) क्योंकि बहुत समय बीत गया।
(ख) क्योंकि श्रीमान ने दूसरा नौकर रख लिया।
(ग) क्योंकि श्रीमती सब कुछ भूल गई।
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू को घर से तब जाने दिया जब श्रीमान ने उसका पूरा पता अपनी डायरी में लिख लिया।
2. श्रीमान के घर का काम पहले की तरह चलने लगा क्योंकि श्रीमान ने दूसरा नौकर रख लिया।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए।

1. ट्रंक में जेवर चाँदी के बटन सिल्क के सूट और रूपए थे
2. क्या उसकी तीन महीने की तनख्वाह आपके पास है
उत्तर:
1. ट्रंक में जेवर, चाँदी के बटन, सिल्क के सूट और रूपए थे।
2. क्या उसकी तीन महीने की तनख्वाह आपके पास है?

प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश में से शब्द-युग्म छाँटकर लिखिए।
उत्तर:

  1. पता – वता
  2. एक – एक
  3. सौ – पचास
  4. नाम – पता

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. नदारद
  2. रजत
  3. गहने
  4. भय

उत्तर:

  1. गायब
  2. चाँदी
  3. जेवर
  4. डर

प्रश्न 4.
‘संदेश’ शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
उत्तरः

खबर, शक

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बड़े घरों में चीज़ों की सूची कहाँ होती है?’ इस कथन पर अपना मत लिखिए।
उत्तर:

बड़ा घर यानी जिनके पास ढेर सारा रूपया पैसा है उनका घर। बड़े घर में ऐश्वर्य के सारे साधन विपुल मात्रा में होते हैं। वहाँ पर धन-धान्य की कमी नहीं होती है। घर में भौतिक साधन भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। सोने-चाँदी व हीरे-जेवरातों की वहाँ कमी नहीं होती है। रूपए पैसे तो पूरे घर में यत्र-तत्र पड़े हुए होते हैं। आवश्यक चीज़ों के साथ अनावश्यक चीज़ों की भी भरमार होती है। ऐसे घरों में कोई भी चीज़ एक निश्चित जगह पर पाई नहीं जाती है। अगर कभी कोई चीज़ गुम भी हो जाए, तो भी किसी को उसका पता नहीं चल पाता है।

(छ) परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमान सड़क पार करके हेतू के सामने जाकर खड़े हो गए।
उत्तरः

श्रीमान ने बहुत दिनों के बाद हेतू को देखा जो फटे कपड़ों में धर्मशाला के पास खड़ा था। इसलिए श्रीमान सड़क पार करके हेतू के सामने जाकर खड़े हो गए।

प्रश्न 2.
श्रीमान स्तब्ध और हैरान हो गए।
उत्तर:

हेतू ने खुशीवाले घर में अपने बेटे की मौत की खबर छिपाकर रखी थी। अत: उसका यह शिष्टाचार देखकर श्रीमान स्तब्ध और हैरान हो गए।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
किसने, किससे कहा?

1. “काम कर आया है अपना।”
2. “जी मेरा बच्चा मर गया था।”
उत्तर:
1. श्रीमान ने हेतू से पूछा।
2. हेतू ने श्रीमान से कहा।

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

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कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
वचन बदलिए।

1. कंधा
2. कलाई
उत्तर:
1. कंधे
2. कलाइयाँ

प्रश्न 2.
विलोम शब्द लिखिए।

1. सच × ………….
2. संभव × ……….
उत्तर:
1. झूठ
2. असंभव

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाइए।

1. स्तब्ध
2. दफ्तर
उत्तर:
1. स्तब्ध + ता = स्तब्धता
2. दफ्तर + ई = दफ्तरी

प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में से रेखांकित शब्दों के भेद पहचानिए।

1. उसका कंधा सहलाते हुए श्रीमान बोले।
2. वही फटे हुए कपड़े वही शिथिल अरूप चेहरा।
उत्तर:
1. पुरूषवाचक सर्वनाम
2. गुणवाचक विशेषण

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘व्यक्ति के व्यवहार में शिष्टाचार झलकना चाहिए।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः

शिष्टाचार एक महत्त्वपूर्ण गुण है। व्यक्ति के पास यदि शिष्टाचार है तो वह ‘शिष्टाचारी’ कहलाता है। ‘शिष्टाचार’ का अर्थ है; सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना। सभी के हृदय में अपने अच्छे कार्य द्वारा प्रेम निर्माण करना। अपने कर्तव्यों को कभी न भूलना। व्यक्ति के व्यवहार में शिष्टाचार है; तो वह समाज में प्रशंसा का अधिकारी बन जाता है।

ऐसा व्यक्ति अपने शिष्ट आचरण से दूसरों को प्रेरणा देता है और उन्हें भी शिष्टाचार का पालन करने के लिए अपने आप प्रवृत्त करता है। श्रीराम के शिष्टाचार रूपी व्यवहार को कोई नहीं भूल सकता है। आखिर शिष्टाचार ही व्यक्तित्व-विकास का महत्त्वपूर्ण पहलू होता है।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों के काल परिवर्तन कीजिए।

  1. श्रीमती ने गलत नहीं कहा था। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
  2. श्रीमती जी की भौंवे चढ़ गईं हैं। (सामान्य भूतकाल)
  3. मैं जल्दी लौट आऊँगा। (सामान्य वर्तमानकाल)
  4. हेतू ने फिर धीरे से कह दिया। (सामान्य भविष्यकाल)

उत्तर:

  1. श्रीमती गलत नहीं कह रही हैं।
  2. श्रीमती जी की भौंवे चढ़ीं।
  3. मैं जल्दी लौट आता हूँ।
  4. हेतू फिर धीरे से कहेगा।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों के अव्यय पहचानिए।

1. नौकर उजड्ड और अरूप था।
2. धीरे-धीरे वह शहरी नौकर में तब्दील होने लगा।
उत्तर:
1. समुच्चबोधक अव्यय
2. क्रियाविशेषण अव्यय

प्रश्न 3.
रचना की दृष्टि से वाक्य भेद पहचानिए।

1. इसी तरह तीन महीने बीत गए।
2. हेतू अरूप तो था ही, उस पर उजड्ड और गँवार भी निकला।
उत्तर:
1. सरल या साधारण वाक्य
2. मिश्र वाक्य

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का संधि-विच्छेद कीजिए।

  1. उत्सुक
  2. वातावरण
  3. स्वागत

उत्तर:

  1. उत् + सुक
  2. वात + आवरण
  3. सु + आगत

प्रश्न 5.
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित कीजिए।

1. वह दिन शुभ था। (निषेधार्थक)
2. मित्र मंडली के हास्य विनोद से घर का सारा वातावरण खिल उठा। (आज्ञार्थक)
उत्तर:
1. वह दिन अशुभ नहीं था।
2. मित्र मंडली के हास्य विनोद से घर का सारा वातावरण खिल उठना चाहिए।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्य में सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए।

1. श्रीमती को जब सूचना मिली तो वह तंद्रा से जागी। (साधारण वाक्य)
2. वह आकर चुपचाप इधर-ऊधर ताकने लगा। (संयुक्त वाक्य)
उत्तर:
1. श्रीमती सूचना मिलते ही तंद्रा से जागी।
2. वह आया और चुपचाप इधर-ऊधर ताकने लगा।

प्रश्न 7.
निर्देशानुसार अव्यय शब्दों का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए।

1. कि
2. वाह
उत्तर:
1. उसने कहा कि वह घर चला गया है।
2. वाह! क्या बात है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।

1. तुमने अपनी चीज़ों को अच्छा तरह देख लो।
2. मैंने उसकी पता बता सब लिख ली है।
उत्तर:
1. तुम अपनी चीज़ों को अच्छी तरह देख लो।
2. मैंने उसका पता-वता सब लिख लिया है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित वाक्यों के भेद अर्थ की दृष्टि से पहचानिए।

1. जी मेरा बच्चा मर गया था।
2. उसके लिए आँसुओं को रोकना संभव नहीं था।
उत्तर:
1. विधानार्थक वाक्य
2. निषेधार्थक वाक्य

संभाषणीय

प्रश्न 1.
‘आपके व्यवहार में शिष्टाचार झलकता है।’ इस विषय पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:

  • अध्यापक – छात्रों क्या आप सभी शिष्टाचार से परिचित हैं? आपके मतानुसार शिष्टाचार किसे कहते हैं?
  • पहला छात्र – जी हाँ। मैं शिष्टाचार से परिचित हूँ।
  • दूसरा छात्र – ‘शिष्टाचार’ यानी अच्छा आचरण करना। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना। ऐसा व्यवहार रखना कि कभी किसी को अपने व्यवहार से ठेस न पहुंचे।
  • तीसरा छात्र – ‘शिष्टाचार’ यानी सार्वजनिक जगहों या किसी सम्मेलन सभाओं में सभी के साथ अच्छाई से पेश आना।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि आप अपने मित्र व शिक्षकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं?
  • चौथा छात्र – मैं अपने मित्र के साथ अच्छा व्यवहार रखता हूँ। जैसे कि जरूरत पड़ने पर मैं उसकी मदद करता हूँ।
  • पाँचवा छात्र – मैं अपने शिक्षकों के साथ विनम्रता से पेश आता हूँ। उनका कहना मानता हूँ। उनकी हर एक बात का सम्मान करता हूँ।
  • अध्यापक – अब आप मुझे बताइए कि शिष्टाचार के कौन-कौन-से लाभ होते हैं?
  • सभी छात्र – (एक साथ) शिष्टाचार से व्यक्ति की पहचान होती है। उसके अच्छे गुणों का पता चलता है। उसके संस्कारों की झलक सभी पर
  • पड़ती है। शिष्टाचारी व्यक्ति की समाज में पूजा होती है। सभी उसकी तारीफ करते हैं। शिष्टाचार व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में सहायता प्रदान
  • करता है। इसलिए कहा भी गया है कि, ‘विवेकी पुरूष की समाज में पूजा की जाती है।’

पाठ से आगे:

प्रश्न 1.
‘मानवता ही श्रेष्ठ धर्म है।’ इस विचार को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः

“विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी
मरो परंतु यो मरो कि याद जो करे सभी।
हुई न यों सुमृत्यु तो वृथा जिए वृथा मरे
मरा नहीं वही कि जो जिया न आप के लिए।
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे।”

राष्ट्रकवि गुप्त जी ने सच ही कहा है कि मानवता से बढ़कर अन्य धर्म नहीं है। मानवता ही सभी धर्मों का आधार है। जो व्यक्ति मानवता के मार्ग पर चलता है उसे सभी याद करते हैं। ऐसा व्यक्ति मरने के बाद भी अमर हो जाता है। दुनिया उसके जाने के बाद भी उसे याद करती रहती है। महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, मदर टेरेसा व डॉ. कलाम आदि महापुरूषों को आज भी हम याद करते हैं। सभी अपने कार्य के कारण समाज में पूजनीय हो गए हैं। व्यक्ति का अच्छा कार्य ही उसकी पहचान होती है। इसीलिए तो कवि बच्चन जी कहते हैं – ‘मिट्टी का तन, मस्ती का मन, क्षणभर जीवन मेरा परिचय।’

आईस्टाइन व न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों ने अपना संपूर्ण जीवन विज्ञान के प्रति समर्पित कर मानवता की जो मिसाल खड़ी कर दी है वह अद्भुत एवं काबिले तारीफ है। अफ्रीका में स्थित काले-गोरे का भेदभाव मिटाने के लिए नेल्सन मंडेला जी ने जो कार्य किया उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम होगी।

मानवता सभी धर्म समाए हुए हैं। दरअसल मानवता सभी धर्मों का सार है। मानवता यानी बिना स्वार्थ भाव रखे हुए दूसरों की मदद करना। दूसरों की पीड़ा हरना। दूसरों को मुसीबत से बाहर निकालना। दूसरों के जीवन में प्रकाश बनकर जाना। हमें भी अपने जीवन में मानवता के मार्ग पर चलना सिखना चाहिए।

बिना स्वार्थ भाव रखें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। जब हम ऐसा करेंगे; तब हमारा जीवन अपने आप सच्चाई के मार्ग पर चलने लगेगा। आखिर इसी से ही समाज में सत्य व अहिंसा का प्रसार होगा। मानवता भारतीय संस्कृति का मूलाधार है। हमारी संस्कृति जो आज संपूर्ण विश्व में दैदीप्यमान है उसका श्रेय मानवता को ही जाता है। आखिर भारतवासी मानवता में विश्वास रखते हैं।

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: भीष्म साहनी का जन्म 8 अगस्त 1915 रावलपिंडी, अविभाजित भारत में हुआ था। इनकी मृत्यु 11 जुलाई 2003 में हुई। साहनी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। इन्होंने उपन्यास, नाटक, आत्मकथा एवं कहानी विधाओं को समृद्ध किया। इन्होंने मानवीय मूल्य, नैतिकता, मानवीय करुणा, सामाजिक विषमता एवं संघर्ष आदि विषयों को अपने लेखन में स्वतंत्र स्थान दिया था। आजीवन इन्होंने हिंदी भाषा की सेवा की।

प्रमुख कृतियाँ: कहानी संग्रह – ‘भाग्य-रेखा’, ‘पहला पाठ’, ‘भटकती राख’, ‘निशाचर’; उपन्यास – ‘झरोखे’, ‘तमस’, ‘कुंतो’, ‘नीलू नीलिमा नीलोफर’; नाटक – ‘कबिरा खड़ा बाजार में’, ‘माधवी’; आत्मकथा – ‘आज के अतीत’।

गद्य-परिचय:

चरित्रात्मक कहानी: चरित्रात्मक कहानी वह होती है जिसमें किसी चरित्र या घटना का रोचक व मनोरंजक वर्णन हो।
प्रस्तावना: प्रस्तुत कहानी में लेखक ने एक नौकर के माध्यम से शिष्टाचार के महत्त्व को दर्शाने का प्रयास किया है और साथ में यह भी बतलाया है कि भले ही व्यक्ति गँवार या अनपढ़ हो फिर भी उसके पास शिष्टाचार होने से वह श्रेष्ठ बन जाता है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ एक चरित्रात्मक कहानी है। कहानी के एक पात्र बाबू रामगोपाल अथक प्रयास के बाद एक नौकर ढूँढ़कर लाते हैं लेकिन उसका गँवार रूप देखकर उनकी पत्नी गुस्सा हो जाती हैं। उन्हें उस नौकर पर चिढ़ आती है। कभी-कभी नौकर के हाथों से घर की चीज़ों का नुकसान हो जाता था तो वह उसकी तनख्वाह काट लेती हैं। इस तरह उनके घर पर काम करते हुए उसे तीन महीने हो जाते हैं। बाबू रामगोपाल के बच्चे के मुंडन संस्कार के दिन पास आ जाते हैं।

उनकी श्रीमती जी मुंडन संस्कार का प्रबंध करने में व्यस्त हो जाती हैं। अत: घर की सारी चाबियाँ नौकर के हाथों में सौंप देती हैं। जिस दिन मुंडन संस्कार था; उसी दिन नौकर गाँव जाने के लिए बाबू रामगोपाल के पास छुट्टी माँगता है। वे आगबबूला हो जाते हैं। उनकी पत्नी भी उस पर गुस्सा हो जाती हैं। फिर भी नौकर अपनी जिद पर अड़ा रहता है। बाबू रामगोपाल आवेश में आकर उसे चाँटा मारते हैं। उससे घर जाने का कारण पूछते हैं लेकिन वह कुछ भी नहीं कहता है।

सिर्फ गाँव जाने की रट लगाता है। आखिर मेहमानों के सामने बात को बढ़ाने से रोकने के लिए वे उसका नाम, पता लिखवा कर उसके दस्तखत ले लेते हैं और उसे धक्के मारकर घर से बाहर निकाल देते हैं। उनकी श्रीमती को लगता है कि वह जरूर कुछ न कुछ जेवर या पैसे चुराकर ले गया होगा। इसी कारण बाबू रामगोपाल उसकी तनख्वाह उसके द्वारा बताए गए पते पर नहीं भेजते हैं। कुछ दिनों के पश्चात सड़क के किनारे पर उन्हें वह नौकर दिखाई देता है।

वे उसके पास जाकर उससे पूछते हैं कि वह अचानक गाँव क्यों चला गया था। तब वह कहता है कि उसके बेटे की मृत्यु हो गई थी और खुशीवाले घर में यह दुखद समाचार देना उसके गाँव में बुरा मानते हैं। सचमुच एक गँवार आदमी के पास भी शिष्टाचार होता है। कब और कहाँ क्या कहना चाहिए इस बात का उसे ठीक से ज्ञान था। उसका यह व्यवहार ही उसे शिष्टाचारियों की श्रेणी में ले जाता है। इसी पाठ के जरिए लेखक ने प्रत्येक व्यक्ति के पास शिष्टाचार का होना जरूरी होता है यह दर्शाने का प्रयास किया है।

शब्दार्थ:

  1. अनथक – जो थके नहीं, बिना थके
  2. षड्यंत्र – कपटपूर्ण योजना
  3. तब्दील – बदलना, परिवर्तन
  4. अफसोस – पश्चात्ताप
  5. पसीजना – पिघलना
  6. बनमानस – वनमनुष्य या जंगली मनुष्य

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