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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 1): Chapter 7- डाॅक्‍टर का अपहरण

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Curriculum Maharashtra Board
Applicable Grade Class 9
Medium English & Hindi
Resource Format Chapter Q&A / PDF

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Class 9: Hindi Lokbharti Chapter 7 solutions. Complete Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 7 Notes.

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 1): Chapter 7- डाॅक्‍टर का अपहरण

Maharashtra Board 9th Hindi Lokbharti Chapter 7, Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 7 solutions

Questions and Answers

पठनीय:

प्रश्न 1.
डॉ. जयंत नारळीकर जी की विज्ञान संबंधी कोई किताब पढ़िए।

संभाषणीय

प्रश्न 1.
‘इसरो’ (Isro) के संदर्भ में प्राथमिक जानकारी अंतरजाल से प्राप्त कर आपस में वार्तालाप कीजिए।
उत्तर:

  • अजय: नयना क्या तुम ‘Isro’ के बारे में जानती हो?
  • नयनाः हाँ, मुझे सिर्फ ‘Isro’ का पूरा नाम पता है- इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाएझेशन।
  • अजयः क्या तुम इसका हिंदी अनुवाद कर सकती हो?
  • नयनाः नहीं, अजय। तुम ही बताओ।
  • अजय: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन।
  • नयनाः मुझे इतना पता है कि ‘इसरो’ का मुख्यालय बेंगलुरू, कर्नाटक में है।
  • अजय: क्या तुम इस संस्था के मुख्य कार्य के बारे में जानती हो?
  • नयना: नहीं, अजय।
  • अजयः सुनो नयना, इस संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिए अंतरिक्ष संबंधी तकनीक उपलब्ध करवाना है। अंतरिक्ष कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में उपग्रहों, राकेटों का विकास शामिल है।
  • नयना: क्या तुम्हें ‘इसरो’ के बारे और में कुछ पता है ?
  • अजयः हाँ नयना, जून २०१६ तक इसरो लगभग २० अलग-अलग देशों के 56 उपग्रहों को लाँच कर चुका है और इसके द्वारा उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं। इसरो को शांति, निशस्त्रीकरण और विकास के लिए साल 2014 में इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • नयनाः अजय, आज तुमने मुझे बहुत ही अच्छी जानाकारी दी है। इसके लिए मैं तुम्हें धन्यवाद देती हूँ।

सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए:

उत्तर:

प्रश्न 2.
‘यदि मैं डॉ. भटनागर की जगह होता/होती’ तो… इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता, तो मेरी भी स्थिति कुछ उनके जैसे ही हो जाती। आखिर मैं भी एक इंसान हूँ और मेरा भी डॉक्टर भटनागर की भाँति परिवार है। यदि मुझे कोई ऐसे रात के समय में आकर किसी यान में बिठाकर जबरदस्ती से ले जाता, तो मेरे भी होश उड़ जाते। अचानक क्या हो रहा है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं सूझता। फिर भी मैं अपनी हिम्मत नहीं हारता। चुपचाप यान में बैठकर उनके घर पर जाता और उनकी स्थिति को जानने की कोशिश करता और उन्हें मुसीबतों से उबारने के लिए भरसक कोशिश करता।

आखिर, डॉक्टरों का धर्म ही होता है मरीजों की सेवा करना। जितना मेरे अकेले से बन पड़ता, उतना मैं जरूर करता। उनका सही मार्गदर्शन करता और बड़े ही विनम्र भाव से व अपना धैर्य अडिग रखते हुए हरपल उन्हें खुश रखता। मन में ये आस जरूर रखता कि अन्य ग्रहवासी भी अपने जैसे इंसान हैं और वह मुझे जरूर एक दिन यान में बिठाकर पृथ्वी पर छोड़ आएँगे। फिर यहाँ आकर मैं अन्य सहयोगी डॉक्टर एवं वैज्ञानिकों की सहायता से उनके लिए औषधि का निर्माण करता।

लेखनीय:

प्रश्न 1.
‘यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता…’ इस विषय पर लेखनीय अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

प्रत्येक छात्र का अपना सपना होता है। वह भविष्य में बड़ीसे-बड़ी मंजिल प्राप्त करना चाहता है। मेरा भी एक सपना है। वह हैअतंरिक्ष यात्री बनने का। इसके लिए मैं सतत अभ्यास व परिश्रम कर रहा हूँ। अतंरिक्ष यात्री बनने के पश्चात मैं कैसे व किस प्रकार कार्य करूँगा, यह प्रश्न मेरे मन में बार-बार उपस्थित हो रहा है।

सचमुच, मैं यदि अंतरिक्ष यात्री होता, तो मैं अंतरिक्ष की सैर करता, वहाँ जाकर रहता। वहाँ जाकर गुरूत्वाकर्षण-हीन योगाभ्यास करता, अंतरिक्ष शटल का अभ्यास करता। अंतरिक्ष में रहने का अभ्यास करता और उसके लिए प्राथमिक तौर पर तैयारी करता ।। यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो संपूर्ण भारत में भ्रमण कर छात्र – छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान से परिचित कराता। उनमें अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति प्रेम निर्माण करता ताकि आगे चलकर वे भी मेरे जैसे अंतरिक्ष यात्री बन सकें और अपने देश का नाम रोशन कर सकें।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो अंतरिक्ष में जाकर सबसे लंबा स्पेस वॉक करता और अपने नाम पर रिकार्ड बना कर भारत देश का नाम संसार मे ऊँचा करता। अंतरिक्ष में रहकर और वहाँ पर प्रयोग कर, वहाँ की मिट्टी एवं अन्य पदार्थों को लेकर वापस आ जाता ताकि कैंसर जैसी घातक बीमारियों की दवाइयाँ उपलब्ध हो सकें। यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो मैं संपूर्ण मानव-जाति का विचार करके उनके बारे में सोचता।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो अपनी जीवनी लिखता और उसके माध्यम से लोगों को बताता कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में कैसे रहते हैं, उन्हें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अंतरिक्ष में वे क्या खाते हैं, कब सोते हैं, कब जागते हैं, अंतरिक्ष में गुरुत्व बल के ना होने से किस प्रकार परेशानियों का सामना करते हैं आदि।

यदि मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तो स्वयं को सबसे अधिक भाग्यशाली समझता। जन्मभर मेहनत, परिश्रम व लगन से कमाई हुई धनराशि को मानव सेवा के लिए समर्पित कर देता।। जब मैं अंतरिक्ष यात्री होता, तब ही मैं ये सारी उपलब्धियाँ एवं श्रेय प्राप्त कर सकता। अत: अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए मैं भरसक कोशिश करूँगा क्योंकि मैं जानता हूँ-

“मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं,
जिनके सपनों में जान होती है।

पंख से कुछ नहीं होता
हौसलों से उड़ान होती है।”

मौलिक सृजन:

प्रश्न 1.
अन्य ग्रहवासी से मेरी मुलाकात’ विषय पर संवाद सृजन बनाकर लिखिए।
उत्तर:

  • मनोहरः कौन हो तुम? तुम धरती के निवासी नहीं लगते हो। कहाँ से आए हो, तुम? बताओ। मैं तुम्हारे बारे में जानने के लिए उत्सुक हूँ।
  • अन्य ग्रहवासी: जी हाँ, तुमने सही पहचाना। मैं इस धरती का निवासी नहीं हूँ। मैं पृथ्वी से लगभग 15 हजार करोड़ कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्रह से आया हूँ।
  • मनोहर: इतने दूर से आए हो, तुम। पर कैसे आए हो? इतनी दूरी से यहाँ धरती पर आना, तुम्हारे लिए कैसे संभव हो सका है?
  • अन्य ग्रहवासी: हमारे पास अत्याधुनिक यान है, इसके जरिए हम कहीं भी, किसी भी सौरमंडल के ग्रह पर आसानी से जा सकते हैं।
  • मनोहरः क्या कहा तुमने? किसी भी सौरमंडल के ग्रह पर! सौरमंडल तो एक ही है।
  • अन्य ग्रहवासी: (हँसते हुए) किसने कहा तुम्हें कि सौरमंडल एक है। इस ब्रहमांड में तो सूर्य जैसे कई सूर्य हैं और सभी के अपनेअपने ग्रह हैं। उन ग्रहों पर दुनिया बसी है और वे सभी तुम्हारे ग्रह के लोगों से कई गुना ज्यादा उन्नतिशील हैं।
  • मनोहर: यह जानकर मुझे बेहद खुशी हुई कि सौरमंडल अनंत है। पर एक बात मुझे समझ में नहीं आ रही है कि तुम हमारी धरती पर क्यों आए हो। अन्य ग्रहवासी: हमारे ग्रहवासियों ने हरी-हरी वसुंधरा पर रहने वाले लोगों की संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सुना है। अत: आप की संस्कृति का अभ्यास करने के लिए मैं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ।
  • मनोहर: तुम्हारे विचार सुनकर मैं आनंद विभोर हो गया हूँ। मुझे बेहद खुशी होगी, यदि तुम मेरे साथ चलोगे, तो मैं तुम्हें संपूर्ण भारत का भ्रमण कराऊँगा।
  • अन्य ग्रहवासी: मैं भी यही चाहता हूँ।

श्रवणीय:

प्रश्न 1.
सौर मंडल के किसी एक ग्रह संबंधी जानकारी प्राप्त कर कक्षा में सुनाइए।

पाठ के आँगन में…

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रश्न 1.
सौरमंडल के अन्य ग्रह पर बसे लोगों के चिकित्साशास्त्र में पिछड़े रहने के कारणों की सूची तैयार कीजिए:

उत्तरः

2. ‘स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

प्रश्न 1.
‘स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

आज के बढ़ते औद्योगीकरण और तकनीकी विकास ने इंसान को ऐसी अति-आधुनिक सुख-सुविधाएँ प्रदान की हैं, जिनके कारण उसका जीवन अप्रत्याशित रूप से सरल और सहज बन गया है। लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि बढ़ते औद्योगीकरण और उन्नत औद्योगिकी के कारण पृथ्वी के प्राकृतिक वातावरण में व्यवधान उत्पन्न हो गया है। इस व्यवधान ने प्रकृति के स्वाभाविक सामंजस्य को असंतुलित कर दिया है और, चूँकि मानव-जीवन प्रकृति का अभिन्न अंग है, इसलिए बढ़ते प्राकृतिक असंतुलन ने इंसान के जीवन को भी असंतुलित कर दिया है।

फलस्वरूप आज का बिगड़ा पर्यावरण मनुष्य के स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित कर रहा है। आज मिलावट का कहर सबसे ज्यादा हमारी रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर ही पड़ रहा है। संपूर्ण देश में मिलावटी खाद्य-पदार्थों की भरमार हो गई है। आजकल नकली दूध, नकली घी, नकली तेल, नकली चायपत्ती आदि सब कुछ धड़ल्ले से बिक रहा है। अगर कोई इन्हें खाकर बीमार पड़ जाता है तो हालत और भी खराब हो जाती है, क्योंकि जीवनरक्षक दवाइयाँ भी नकली ही बिक रही हैं।

पाठ से आगे

‘उड़न तश्तरी’ की संकल्पना अंतरजाल से पढ़कर स्पष्ट कीजिए।

भाषा बिंदू

प्रश्न 1.
निम्न वाक्यों में कारक रेखांकित कर उनके भाषा बिंदु नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खो जकर तालिका में लिखिए।

  1. श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।
  2. उस सी. डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्था की गई।
  3. अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा।
  4. यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।
  5. घर से बाहर गए उन्हें काफी समय हो गया।
  6. हे मानव मुझे क्षमा कर, मै पृथ्वी से बहुत दूर पहुँच चुका हूँ।

उत्तरः

चिहननाम
1. ने
पर
के
कर्ताकारक
अधिकरण कारक
संबंधकारक
2. कोकर्मकारक
3. सेअपादान कारक
4. ने
के लिए
कर्ताकारक
संप्रदान कारक
5. सेअपादान कारक
6. हेसंबोधन कारक

Additional Important Questions and Answers

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।

उत्तरः

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अस्पताल के चौकीदार का डॉ. भटनागर जी के घर आने का कारण
उत्तर:

मरीज सीरियस हो जाने पर डॉ. भटनागर जी को बुलाने के लिए अस्पताल का चौकीदार डॉ. भटनागर जी के घर आ जाता।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब की पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही
उत्तरः

डॉक्टर साहब की पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही क्योंकि वह जानती थी कि हमेशा कोई-न-कोई उनके दरवाजे पर डॉक्टर साहब को बुलाने के लिए आता है।

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 5.
कारण लिखिए।
पत्नी ने ऐसा क्यों कहा कि उनके पति को लेकर जाने के लिए कोई गाड़ी आई थी।
उत्तरः

ऐसा इसलिए कहा कि उनके घर के बाहर और फुटपाथ पर बड़े पहियों के निशान थे।

प्रश्न 6.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
श्रीमती भटनागर ने पुलिस को सूचना दी।
उत्तरः

उन्होंने दरवाजे पर फिर से वैसी ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे। उन्हें लगा कि डॉक्टर साहब आ गए हैं। इसलिए श्रीमती भटनागर ने पुलिस को सूचना दी।

प्रश्न 2.
सभी हतप्रभ रह गए।
उत्तरः

सी. डी. में डॉक्टर भटनागर बोल रहे थे, जिसको सुनकर सभी हतप्रभ रह गए।

प्रश्न 3.
किसने, किससे कहा?
तुम सब लोग मेरे लिए परेशान होगे।
उत्तरः

डॉक्टर भटनागर जी ने सभी लोगों से कहा।

प्रश्न 1.
सत्य-असत्य लिखिए।

1. डॉक्टर साहब स्वयं अन्य ग्रह पर चले गए थे।
2. डॉक्टर भटनागर जिस ग्रह पर गए थे, उस ग्रह के लोग विज्ञान में बहुत प्रगत थे।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

प्रश्न 4.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 5.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अन्य सौरमंडल के ग्रह पर आदमी का महत्त्व कम हो गया है।
उत्तर:

क्योंकि वहाँ पर सारा काम मशीनों से ही होता है।

प्रश्न 2.
अन्य सौरमंडल के ग्रह पर शरीर का कोई अंग सड़ने से आदमी मर जाता है।
उत्तरः

क्योंकि वहाँ पर रहनेवाले लोगों को उस रोग पर इलाज मालूम नहीं है।

प्रश्न 3.
सत्य-असत्य लिखिए।

1. अन्य सौरमंडल के लोग विज्ञान में पिछड़े हुए हैं।
2. अन्य सौरमंडल के ग्रहों पर मशीनें ज्यादा और आदमी कम हैं।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य

प्रश्न 4.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
अन्य सौर मंडल के ग्रहवासियों को चिकित्सा की जरूरत ही नहीं पड़ती।
उत्तरः

अन्य सौर मंडल के ग्रहवासियों को चिकित्सा की जरूरत ही नहीं पड़ती क्योंकि वहाँ पर रहने वाले कभी बीमार ही नहीं पड़ते।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब अन्य सौरमंडल के ग्रह वासियों से क्यों विरोध मोल लेना नहीं चाहते हैं?
उत्तरः

डॉक्टर साहब अन्य सौरमंडल के ग्रह वासियों से विरोध मोल लेना नहीं चाहते हैं क्योंकि उन्हें सही सलामत वापस पृथ्वी पर आना है।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
घटनाक्रमानुसार लेखन कीजिए।

(क) पत्नी ने सोचा कि डॉक्टर साहब सीधे अस्पताल चले गए होंगे।
(ख) पति के न लौटने पर पत्नी चिंतित हुई।
(ग) फिर सोचा कि मरीज की हालत गंभीर होगी।
(घ) पत्नी जागकर भी बिस्तर पर ही पड़ी रही।
उत्तरः
(घ), (ख), (ग), (क)

प्रश्न 2.
प्रस्तुत गद्यांश के आधार पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों

1. चौकीदार
2. डॉक्टर भटनागर
उत्तरः
1.  मरीज सीरियस हो जाने पर डॉक्टर साहब को उठाने के लिए कौन आ जाता?
2. कौन लापता हो गए थे?

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त एक वस्त्र का नाम –
उत्तरः

गाउन

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त संचार माध्यम –
उत्तरः

फोन

सही विधान चुनकर पूर्ण वाक्य फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
डॉक्टर साहब की खोज करने के लिए पुलिस ने …………………. .

(क) समाचार पत्र में इश्तिहार दिया।
(ख) वायरलेस से संदेश भेज दिए।
(ग) अन्य राज्य की पुलिस से सहायता ली।
उत्तर:
डॉक्टर साहब की खोज करने के लिए पुलिस ने वायरलेस से संदेश भेज दिए।

समझकर लिखिए।

प्रश्न 1.
पत्नी की हालत अत्यंत खराब हो गई थी यह दर्शानेवाले गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य –
उत्तरः

उनकी हालत पागलों जैसी हो गई थी। हर रोज सुबह उठती और दरवाजे पर आकर खड़ी हो जाती, जैसे वह डॉक्टर भटनागर के आने की प्रतीक्षा कर रही हों।

प्रश्न 2.
डॉक्टर साहब सीधे-साधे व्यक्ति थे, यह दर्शानेवाला गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य –
उत्तरः

चूँकि डॉक्टर भटनागर का कोई शत्रु भी न था।

प्रश्न 3.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 4.

प्रश्न 5.
समझकर लिखिए।
अपने परिवार से दूर रहने के बावजूद भी डॉक्टर साहब खुश हैं
उत्तरः

दुनिया में हम पृथ्वीवासियों के अलावा अन्य ग्रहों पर भी दुनिया बसी हुई है। इस बात से डॉक्टर साहब खुश हैं।

प्रश्न 6.
धरतीवालों की सोच –
उत्तरः

दुनिया में जो कुछ है, वह हम ही हैं।

प्रश्न 7.
‘ब्रह्मांड अनंत है।’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त वाक्य है –
उत्तरः

इस ब्रह्मांड में तो हमारे सूर्य जैसे न जाने कितने सूर्य हैं और सभी के अपने-अपने ग्रह हैं।

प्रश्न 8.

कारण लिखिए।

प्रश्न 1.
दूसरे सौरमंडल के ग्रहवासियों ने डॉक्टर साहब का आसानी से अपहरण कर लिया।
उत्तरः

क्योंकि उनके लिए डॉक्टर साहब का सौरमंडल सबसे निकट था।

प्रश्न 2.
अपहरणकर्ता सौरमंडल के लोग एक सौरमंडल से दूसरे सौरमंडल पर आसानी से जाते हैं।
उत्तरः

क्योंकि उनके पास अत्याधुनिक यान हैं।

सहसंबध लिखिए।

प्रश्न 1.
विचित्र-सा : नाम :: प्लास्टिक : …
उत्तरः

सूट

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तरः

प्रश्न 3.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों

1. यान
2. सू-सू
उत्तरः
1. अन्य सौरमंडल के ग्रहवासी दूसरे सौरमंडल पर किसके सहारे सफर करते हैं?
2. यान ने तेजी से घूमकर किस प्रकार की आवाज निकाली?

प्रश्न 4.
जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ)(ब)
1. दैत्याकार(क) कारखाने
2. बड़े-बड़े(ख) मशीनें
3. ऊँची(ग) इंसान
4. मशीनों के गुलाम(घ) इमारतें

उत्तर:
(i – ख) (ii – क) (iii – घ) (iv – ग)

प्रश्न 2.
गद्यांश पढ़कर ऐसे दो प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों

1. वातावरण
2. विज्ञान
उत्तर:
1. मशीनों और कारखानों से क्या दूषित हो रहा है?
2. अन्य सौरमंडल के ग्रह पर कौन अपनी चरम सीमा को पहुँचा है?

प्रश्न 3.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

कृति (3): शब्द संपदा

प्रश्न 1.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. अचानक
  2. समाचार
  3. पत्नी
  4. हैरानी

उत्तर:

  1. सहसा
  2. खबर
  3. भार्या
  4. परेशानी

प्रश्न 2.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।

  1. जल्दी × ……….
  2. गाँव × ……….
  3. मित्र × ………
  4. दूर × ………

उत्तर:

  1. देरी
  2. शहर
  3. शत्रु
  4. पास

प्रश्न 3.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द लिखिए।
उत्तरः

डॉक्टर, सीरियस, फोन, बैग ।

प्रश्न 4.
वचन बदलिए।

1. संबंधी
2. जानकारी
उत्तर:
1. संबंधियों
2. जानकारियाँ

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों को उचित उपसर्ग लगाकर नए शब्द
तैयार कीजिए।

1. समय
2. कारण
उत्तर:
1. असमय
2. अकारण

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
चिंतित
उत्तरः

मूल शब्द – चिंता, प्रत्यय – इत

प्रश्न 7.
शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखिए।
जिसका पता न लगे
उत्तर:

लापता

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

1. बाहर × …..
2. दिन × …..
उत्तर:
1. अंदर
2. रात

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. नादारद
  2. तत्काल
  3. डर
  4. चिह्न

उत्तर:

  1. गायब
  2. तुरंत
  3. भय
  4. निशान

प्रश्न 3.
लिंग बदलिए।

1. साहब
2. श्रीमती
उत्तर:
1. साहिबा
2. श्रीमान

प्रश्न 4.
वचन बदलिए।

  1. सूचना
  2. महीना
  3. परेशानी
  4. हत्या

उत्तर:

  1. सूचनाएँ
  2. महीने
  3. परेशानियाँ
  4. हत्याएँ

प्रश्न 5.
गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:

वायरलेस, कार, फुटपाथ, बस, ट्रक।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के मूल शब्द व प्रत्यय अलग करके लिखिए।
उत्तर:

प्रश्न 7.
तालिका पूर्ण कीजिए।
(स्टेशन, उन्होंने, खोज, किया, भेज दिए गए, रहस्यात्मक, कई, उनके)
उत्तर:

संज्ञासर्वनामविशषणक्रिया
स्टेशनउन्होंनेरहस्यात्मककिया
खोजउनकेकईभेज दिए गए

प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्य में विराम-चिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।
पुलिस ने पूछा क्या डॉक्टर साहब ट्रक या बस में बैठकर गए हैं
उत्तरः

पुलिस ने पूछा, “क्या डॉक्टर साहब ट्रक या बस में बैठकर गए हैं।”

प्रश्न 9.
संधि-विच्छेद कीजिए।
उत्तरः

वातावरण = वात + आवरण

प्रश्न 10.
निम्नलिखित शब्दों के विलोम गद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए।

  1. सरल × ………….
  2. कम × ………….
  3. गम × …………
  4. अव्यवस्था × ………..

उत्तरः

  1. कठिन
  2. ज्यादा
  3. खुशी
  4. व्यवस्था

प्रश्न 11.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. खुशी
  2. दुनिया
  3. पृथ्वी
  4. ब्रह्मांड

उत्तरः

  1. प्रसन्नता
  2. संसार
  3. धरती
  4. अंतरिक्ष

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए।

1. गाड़ी
2. निशान
उत्तर:
1. गाड़ियाँ
2. निशानियाँ

प्रश्न 4.
‘स्तब्ध रहना’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त मुहावरा लिखिए।
उत्तर:

हतप्रभ रहना।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द को उचित प्रत्यय लगाकर नया शब्द तैयार कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।
उन्नतिशील
उत्तरः

मूल शब्द – उन्नति; प्रत्यय – शील

प्रश्न 7.
निम्नलिखित क्रिया रूपों के प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए।

1. समझना
2. देना
उत्तर:

रूपप्रथम प्रेरणार्थकद्वितीय प्रेरणार्थक
1. समझनासमझानासमझवाना
2. देनादिलानादिलवाना

प्रश्न 8.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. कहानी
  2. रात
  3. कोशिश
  4. बाजार

उत्तर:

  1. कथा
  2. निशा
  3. प्रयास
  4. मंडी

प्रश्न 9.
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए।

  1. आसानी × …………
  2. अनुकूल × ………..
  3. सम्मान × ……….
  4. ज्ञान × ………….

उत्तर:

  1. कठिनाई
  2. प्रतिकूल
  3. अपमान
  4. अज्ञान

प्रश्न 10.
वचन बदलिए।

1. बस्तियाँ
2. कारखाना
उत्तर:
1. बस्ती
2. कारखाने

प्रश्न 11.
निम्नलिखित शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग कीजिए।

1. घबराहट
2. रीति
उत्तरः
1. मूल शब्द – घबरा, प्रत्यय – आहट
2. मूल शब्द – रीत, प्रत्यय – इ

प्रश्न 12.
निम्नलिखित शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग अलग करके लिखिए।

  1. अनुकूल
  2. अनुमति
  3. अपहरण

उत्तर:

  1. अनु
  2. अनु
  3. अप

शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखिए।

प्रश्न 1.
ग्रह, उपग्रह, धूमकेतु, उल्का, सूर्य आदि का सम्मिलित एक विशाल आकाशीय संस्थान।
उत्तरः

सौरमंडल

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्द से उपसर्ग अलग करके लिखिए।

1. विशेष
2. विचित्र
उत्तर:
1. वि + शेष (उपसर्ग – वि)
2. वि + चित्र (उपसर्ग – वि)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय का प्रयोग करके नए शब्द बनाइए।

1. गुलाम
2. स्थान
उत्तरः
1. गुलाम + ई = गुलामी (ई – प्रत्यय)
2. स्थान + ईय = स्थानीय (ईय – प्रत्यय)

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।

1. कम × ……….
2. शुरू × ……….
उत्तर:
1. ज्यादा
2. समाप्त

प्रश्न 5.
समानार्थी शब्द लिखिए।

1. रोग
2. स्थिति
उत्तर:
1. बीमारी
2. दशा

प्रश्न 6.
वचन बदलिए।
1. सीमा
2. मुसीबत
उत्तरः
1. सीमाएँ
2. मुसीबतें

निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1.
‘अस्तित्व समाप्त होना’ इसके लिए गद्यांश में प्रयुक्त मुहावरा है
उत्तर:

नामो – निशान मिटना

वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।

प्रश्न 1.
1. शरीर के कोई अंग सड़नी शुरू हो जाती है।
2. कल-कारखानों की युग में आदमी के महत्त्व कम हो रहा है।
उत्तर:
1. शरीर का कोई अंग सड़ना शुरू हो जाता है।
2. कल-कारखानों के युग में आदमी का महत्त्व कम हो रहा

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।

  1. यात्रा
  2. कष्ट
  3. घातक
  4. शरीर

उत्तर:

  1. सफर
  2. तकलीफ
  3. खतरनाक
  4. तन

प्रश्न 3.
वचन बदलिए।

  1. दवाएँ
  2. रास्ता
  3. योजना
  4. इच्छा

उत्तर:

  1. दवा
  2. रास्ते
  3. योजनाएँ
  4. इच्छाएँ

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।

  1. आज × ……………….
  2. अपना × ……………..
  3. सहमत × ……………
  4. आवश्यक × …………..

उत्तर:

  1. कल
  2. पराया
  3. असहमत
  4. अनावश्यक

प्रश्न 5.
उपसर्ग अलग करके लिखिए।
उत्तरः

विदेश – वि + देश (वि – उपसर्ग)

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्द के अनेकार्थी शब्द लिखिए।
उत्तरः

अंग – शरीर के अंग, शरीर, भाग, शाखा

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘डॉक्टरों का जीवन सेवा और साधना का होता है। इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

डॉक्टर का समाज में महत्त्वपूर्ण स्थान है। कई बार ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर को कई-कई घंटे काम करना पड़ता है। वह आराम से सो भी नहीं पाता। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को कई-कई घंटे रोगियों को देखना पड़ता है। रोगी की स्थिति गंभीर होने पर उनकी रात में भी कई बार जाँच करनी पड़ती है। डॉक्टर मनुष्य को जीवनदान देकर उस पर उपकार करता है।

डॉक्टर ऑपरेशन के द्वारा हमें नवजीवन प्रदान करता है। टी.बी., पक्षघात, हृदय रोग, कैंसर आदि बीमारियाँ डॉक्टर ही बड़े प्रयत्न से ठीक कर पाता है। इसलिए तो कहा गया है कि ईश्वर तो केवल जन्म देकर मनुष्य को संसार में भेज देता है। उसके बाद मनुष्य के जीवन की रक्षा का सारा उत्तरदायित्व वह डॉक्टरों के हाथ में सौंप देता है। आखिर, मानव-जाति को स्वस्थ बनाए रखना ही डॉक्टरी पेशे की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

प्रश्न 2.
‘यदि आपका मित्र गायब हो जाए, तो उसे ढूँढ़ने के लिए आप कौन-कौन से प्रयास करेंगे।’ अपने विचार लिखिए।
उत्तरः

यदि मेरा मित्र गायब हो जाए, तो उसे ढूँढ़ने के लिए सर्वप्रथम मैं उसे अपने अन्य मित्रों के घर जाकर ढूँढूँगा। यदि वह वहाँ पर नहीं मिला, तो मैं उसके माता-पिता से पूछूगा कि उसने जाने से पहले कुछ बताया है, कि वह कहाँ जा रहा है। यदि उनसे समाधानकारक जवाब न मिला, तो मैं उसके माता-पिता के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट लिखवाऊँगा।

उसका फोटो पुलिस को दूंगा तथा उसके रंग, रूप, ऊँचाई, उम्र आदि के बारे में पुलिस को बताऊँगा। इतना ही नहीं, मैं दूरदर्शन के माध्यम से भी गुमशुदा मित्र की तलाश करूँगा। जब तक मेरा मित्र घर वापस नहीं आएगा, तब तक उसके माता-पिता के साथ रहकर उनका हौसला बढ़ाऊँगा। उन्हें किसी भी हालत में हिम्मत नहीं हारने दूंगा। अपने मित्र तथा परिवार की सहायता से उसे हर पल ढूँढ़ने की कोशिश करूँगा।

प्रश्न 3.
‘अपने परिवार, मित्रों व देश से दूर का दुख तो बहुत ही ज्यादा होता है।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः

जैसे अपना परिवार अपना होता है, वैसे ही अपना देश भी अपना होता है। यदि हम नौकरी के सिलसिले में विदेश चले गए और वहाँ पर रहने लगे, तो हमें अपने परिवार की कमी खलने लगती है। हम अपने परिवार के लोगों को छोड़कर वहाँ पर अकेले रहना पसंद नहीं करते हैं। अकेले रहे तो भी हमें दिनरात अपने माता-पिता, बीवी-बच्चों की यादें आनी शुरू हो जाती है।

हम भले कितने भी सुख से क्यों न हों, फिर भी हम अकेलेपन को अधिक गहराई से महसूस करते हैं। विदेश में तो सारे पराए होते हैं। वहाँ पर अपना कोई नहीं होता। हम जिस प्रकार अपनों के साथ लड़ते-झगड़ते हैं, वैसे पराए लोगों के साथ नहीं लड़-झगड़ सकते हैं। हमें हर पल हर कदम पर अपना संतुलन सँभालकर रखना पड़ता है। सचमुच, अपने परिवार व देश से दूर होने का दु:ख तो बहुत ही ज्यादा होता है।

प्रश्न 4.
‘यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता/होती तो ………’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

यदि मैं डॉक्टर भटनागर की जगह होता, तो मेरी भी स्थिति कुछ उनके जैसे ही हो जाती। आखिर मैं भी एक इंसान हूँ और मेरा भी डॉक्टर भटनागर की भाँति परिवार है। यदि मुझे कोई ऐसे रात के समय में आकर किसी यान में बिठाकर जबरदस्ती से ले जाता, तो मेरे भी होश उड़ जाते। अचानक क्या हो रहा है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं सूझता। फिर भी मैं अपनी हिम्मत नहीं हारता। चुपचाप यान में बैठकर उनके घर पर जाता और उनकी स्थिति को जानने की कोशिश करता और उन्हें मुसीबतों से उबारने के लिए भरसक कोशिश करता।

आखिर, डॉक्टरों का धर्म ही होता है मरीजों की सेवा करना। जितना मेरे अकेले से बन पड़ता, उतना मैं जरूर करता। उनका सही मार्गदर्शन करता और बड़े ही विनम्र भाव से व अपना धैर्य अडिग रखते हुए हरपल उन्हें खुश रखता। मन में ये आस जरूर रखता कि अन्य ग्रहवासी भी अपने जैसे इंसान हैं और वह मुझे जरूर एक दिन यान में बिठाकर पृथ्वी पर छोड़ आएँगे। फिर यहाँ आकर मैं अन्य सहयोगी डॉक्टर एवं वैज्ञानिकों की सहायता से उनके लिए औषधि का निर्माण करता।

प्रश्न 5.
‘आज का इंसान मशीनों का गुलाम बन गया है।’ इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तरः

विकास के होड़ में आगे बढ़ने के लिए मानव जाति ने जिन आविष्कारों की लड़ी लगाई है, उसका एक भयावह पहलू अब सामने आ रहा है। मशीनी कार्य के बीच जहाँ मानव श्रम बेकार हो रहा है, लोग बेकार और बेरोजगार हो रहे हैं। हम अपने ही बनाए मशीनों के गुलाम होते जा रहे हैं। मशीनी युग में हम कठपुतली बन कर रह गए हैं और हमारी आँखों के सामने ही हमारे हिस्से का काम भी मशीन छीन ले जा रही है और हम लाचार और बेबस बनकर रह गए हैं। विकास की होड़ में मानव जाति ने सफलता की बुलंदियों को छुआ।

अपने लगन व मेहनत के बल पर हमने ऐसी मशीनों का ईजाद किया जिनके सहारे आज महीनों का काम दिनों में व दिनों का काम घंटों में ही निपटा लिया जाता है। अब न तो अधिक मजदूरों की ही जरूरत रही और न ही समय की। दिन-रात का फर्क भी जैसे मिट-सा गया। दिन हो या रात जब जी चाहे मशीन चालू कीजिए और मशीन अलाउद्दीन के चिराग के जिन की तरह आपके आदेश का पालन करती ही चली जाएगी। मशीन जितने देर तक चालू रहेगी बस उतनी ही देर तक उर्जा व डीजल की खपत होगी। वर्तमान समय में बड़े कामों के अलावा छोटे-छोटे कामों में भी इन दैत्याकार मशीनों का इस्तेमाल होने लगा है और आज का इंसान इनका गुलाम बनता दिखाई दे रहा है।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

काल परिवर्तन कीजिए।

प्रश्न 1.
उन्हें अस्पताल समय से पहुँचने की आदत थी।
(सामान्य भविष्यकाल)
उत्तरः

उन्हें अस्पताल समय से पहुँचने की आदत होगी।

प्रश्न 2.
डॉक्टर भटनागर अचानक लापता हो जाते हैं।
(सामान्य भूतकाल)
उत्तर:

डॉक्टर भटनागर अचानक लापता हो गए।

प्रश्न 3.
इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया।
(पूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तरः

इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया है।

प्रश्न 4.
वे एक सौरमंडल से दूसरे तक आसानी से आते-जाते हैं।
(अपूर्ण वर्तमानकाल)
उत्तरः

वे एक सौरमंडल से दूसरे तक आसानी से आ-जा रहे हैं।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त अव्यय पहचानकर उसका भेद लिखिए।

  1. वे इसका बुरा न मानते, बल्कि सहर्ष चले जाते।
  2. कुछ देर के लिए वह यही मान बैठी।
  3. यहाँ के लोग विज्ञान में बहुत आगे बढ़ गए हैं।
  4. इन्हें कई सौरमंडल और उनके ग्रहों के बारे में जानकारी है।

उत्तर:

  1. बल्कि – समुच्चयबोधक अव्यय
  2. के लिए – संबंधसूचक अव्यय
  3. यहाँ – क्रियाविशेषण अव्यय
  4. और – समुच्चयबोधक अव्यय

प्रश्न 6.
वाक्य के प्रकार पहचानिए।

  1. दो बजे उनके घर की कॉलबेल बज उठी।
  2. जब भी कोई मरीज सीरियस होता, तब अस्पताल का चौकीदार उन्हें उठाने आ जाता।
  3. जो लोग हैं, वे मशीनों के गुलाम हैं।
  4. उद्योगों के विकास से मशीनों की संख्या बढ़ रही है और आदमी का महत्त्व कम होता जा रहा है।

उत्तर:

  1. सरल वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. मिश्र वाक्य
  4. संयुक्त वाक्य

प्रश्न 7.
निम्नलिखित वाक्यों में से कारक शब्द पहचानकर उनके भेद लिखिए।

1. मैं तुम लोगों से दूर अन्य सौरमंडल के ग्रह में हूँ।
2. पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी।
उत्तर:
1. से – अपादान कारक
2. ने – कर्ता कारक

प्रश्न 8.
‘मुझे एक विशेष किस्म का प्लास्टिक सूट पहनाया गया।’
विशेषण पहचानकर लिखिए।
उत्तर:

विशेष, प्लास्टिक – विशेषण

प्रश्न 9.
‘इन्होंने आसानी से मेरा अपहरण कर लिया।’ वाक्य में प्रयुक्त सहायक क्रिया पहचानकर लिखिए।
उत्तरः

लिया – लेना – सहायक क्रिया

प्रश्न 10.
संधि-विच्छेद कीजिए।
उत्तर:

1. सम्मान = सम् + मान
2. दैत्याकार = दैत्य + आकार
3. रहस्योद्घाटन = रहस्य + उद्घाटन

प्रश्न 11.
‘यहाँ लोग बीमार ही नहीं पड़ते इसलिए उन्हें चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती। इस वाक्य में प्रयुक्त सर्वनाम, क्रियाविशेषण अव्यय व समुच्चयबोधक अव्यय पहचानिए।
उत्तर:

1. सर्वनाम – उन्हें
2. क्रियाविशेषण अव्यय – यहाँ
3. समुच्चयबोधक अव्यय – इसलिए

प्रश्न 12.
‘इस घातक रोग के इलाज के लिए दवाएँ बनाना है।’ वाक्य में से विशेषण व संबंधसूचक अव्यय ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:

1. विशेषण – घातक
2. संबंधसूचक अव्यय – के लिए

प्रश्न 13.
निम्नलिखित वाक्य में से कारक छाँटिए व उनके भेद लिखिए।

1. डॉक्टर भटनागर ने सड़न रोग का अध्ययन कर लिया है।
2. मैं सही सलामत वापस पृथ्वी पर आना चाहता हूँ।
उत्तर:
1. ने – कर्ता कारक
2. पर – अधिकरण कारक

लेखक-परिचय:

जीवन-परिचय: डॉ. हरिकृष्ण देवसरे का जन्म इंदिरापुरम, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे एक बाल प्रतिष्ठित साहित्यकार थे। उन्होंने अपनी कलम से जो कुछ लिखा, वह सब कुछ बच्चों के लिए ही लिखा। हिंदी बाल साहित्य को समृद्ध एवं संपन्न करने का कार्य उनकी कलम ने किया। वे बालकों में जिज्ञासा, कल्पना और विज्ञान के प्रति प्रेम तथा आस्था निर्माण करने में सफल रहे।

प्रमुख कृतियाँ: वैज्ञानिक बाल उपन्यास – ‘खेल बच्चे का’, ‘आओ चंदा के देश चलें’, ‘मंगल ग्रह में राजू’, ‘उड़ती तश्तरियाँ’, ‘गिरना स्काईलैब का’, ‘दूसरे ग्रहों के गुप्तचर’ आदि।

गद्य-परिचय:

विज्ञान कथा: कल्पना व विज्ञान इन दोनों का समन्वय कर पाठकों के मन में जिज्ञासा निर्माण करने का कार्य साहित्य की जो विधा करती
है, उसे ‘विज्ञान कथा’ कहते हैं। इसमें जीवन की किसी घटना का रोचक और प्रवाही वर्णन किया जाता है।

प्रस्तावना: प्रस्तुत पाठ ‘डॉक्टर का अपहरण’ के माध्यम से लेखक डॉ. हरिकृष्ण देवसरे जी ने उद्योगों के अंधाधुंध प्रसार के कारण मशीनों की बढ़ती संख्या तथा उससे फैलनेवाले प्रदूषण से होने वाली प्राणघातक बीमारियों और जलवायु में हो रहे भयंकर परिवर्तन के प्रति हमें आगाह किया है।

सारांश:

प्रस्तुत पाठ एक विज्ञान कथा है, जो कल्पना पर आधारित है। इस कथा के माध्यम से कथाकार ने हमें मशीनी युग में निर्माण होने वाले दैत्याकार मशीनों के प्रति सजग किया है। आज का इंसान इनका गुलाम बन गया है। मशीनों की बढ़ती संख्या के कारण प्रदूषण एवं जलवायु पर बुरा असर पड़ रहा है । जिसके कारण लोगों को विविध घातक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अत: कथाकार ने इनकी रोकथाम व इन पर नियंत्रण रखने के लिए पाठकों को प्रेरित किया है।

शब्दार्थ:

  1. लापता – गायब, जिसका पता न लगे
  2. समाचार – खबर
  3. हैरानी – परेशानी, आश्चर्य
  4. प्रतीक्षा – इंतज़ार
  5. उन्नतिशील – प्रगतिशील
  6. उम्मीद – आशा
  7. ब्रह्मांड – अंतरिक्ष
  8. नतीजा – परिणाम
  9. तरकीब – युक्ति
  10. दैत्याकार – विशालकाय
  11. अंग प्रत्यारोपण – अंग के बदले लगाया गया अंग
  12. सौरमंडल – सौर जगत, सूर्य परिवार

मुहावरे:

1. हतप्रभ रहना – स्तब्ध रहना।
2. नामो-निशान मिटना- अस्तित्व समाप्त होना।

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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 1): Chapter 7- डाॅक्‍टर का अपहरण

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