Class 4: Hindi Chapter 4 solutions. Complete Class 4 Hindi Chapter 4 Notes.
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NCERT Solutions for 4th Class Hindi: Chapter 4-पापा जब बच्चे थे
NCERT 4th Hindi Chapter 4, class 4 Hindi Chapter 4 solutions
तुम्हारी बाते
(क) पापा ने जितने काम सोचे, उनमें से तुम्हें सबसे दिलचस्प काम कौन-सा लगता है? क्यों?
उत्तर:
पापा ने जितने काम सोचे, उनमें से मुझे सबसे दिलचस्प काम वायुयान चालक बनना लगता है क्योंकि आकाश में पक्षियों की तरह उड़ना मुझे बेहद रोमांचक लगता है।
(ख) क्या तुम्हें भी घर में बताया जाता है कि तुम्हें बड़े होकर क्या काम करना है? कौन-कौन कहता है? क्या कहता
उत्तर:
हाँ, मुझे भी घर में बताया जाता है कि मुझे बड़े होकर क्या काम करना है। मेरे दादा-दादी और माता-पिता कहते हैं। मेरे दादाजी कहते हैं कि तुम्हें आई. ए. एस. अफसर बनना है। मेरे माता पिता मुझे इंजीनियर बनाना चाहते हैं।
(ग) अपने मम्मी या पापा से पता करो कि वे जब बच्चे थे तब बड़े होकर क्या-क्या बनने की सोचते थे।
उत्तर:
मेरी मम्मी शिक्षिका बनना चाहती थीं और मेरे पापा बैंक में अफसर बनना चाहते थे।
(घ) अपने घर के किसी भी एक सदस्य से उसके काम के बारे में जानकारी हासिल करो।
- पता करो उनके काम को किस नाम से जाना जाता है?
- उस काम को अच्छी तरह करने के लिए कौन-कौन सी बातें मालूम होनी चाहिए?
- उन्हें अपने काम में किन बातों से परेशानी होती है?
उत्तर:
स्वयं करो।
कहानी से आगे
शुरू-शुरू में पापा चौकीदार बनना चाहते थे।
(क) चौकीदार रात को काम करते हैं। इसके अलावा और कौन-कौन से कामों में रात को जागना पड़ता है।
उत्तर:
निम्न कामों में रात को जागना पड़ता है
- अस्पतालों में रोगियों की देखभाल के लिए डॉक्टरों और नर्से को रात में जागना पड़ता है।
- हमारे आसपास अर्थात् समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसवालों को रात में जागना पड़ता है।
- रेल व्यवस्था सुचारू रूप से काम करे इसके लिए रेलवे कर्मचारी स्टेशन पर रात में जागते हैं। पापा कई तरह के काम करना चाहते थे।
(ख) क्या तुम किसी व्यक्ति को जानते हो जो एक से ज्यादा तरह के काम करता है? उस व्यक्ति के बारे में बताओ।
उत्तर:
मेरे यहाँ जो अखबार देने वाला लड़का आता है उसकी उम्र ज्यादा नहीं है। यही कोई सत्रह-अठारह साल का होगा वह। सुबह में अखबार बाँटता है, फिर कॉलेज जाता है और शाम में कुछ बच्चों को ट्यूशन देने का काम करता है। इस प्रकार वह एक साथ तीन-तीन काम करता है।
आओ खेलें-शेखचिल्ली कहता है।
पापा अपने पैर से कान के पीछे नहीं खुजा पाते थे। आओ देखें, तुम कौन-कौन से काम कर सकती हो! एक खेल खेलते हैं। खेल का नाम है-शेखचिल्ली कहता है। तुममें से एक बनेगा शेखचिल्ली। जो शेखचिल्ली कहेगा, बाकी सबको वैसे ही करना है।
शेखचिल्ली इस तरह के आदेश दे सकता है
- शेखचिल्ली कहता है-अपने दायें हाथ को सिर के पीछे से ले जाकर नाक को पकड़ो।
- अपने दायें हाथ को दायीं टाँग के नीचे से ले जाकर दायाँ कान पकड़ो।
- शेखचिल्ली कहता है-खड़े होकर झुको।।
- अपने हाथों से पैरों को छुओ।
- सिर अपने घुटनों से लगाओ।
ध्यान रहे, तुम्हें केवल वही आदेश मानना है जिसके साथ जुड़ा हो-शेखचिल्ली कहता है। अगर तुमने कोई और आदेश मान लिया तो तुम खेल से बाहर हो जाओगे।
उत्तर:
स्वयं करो।
सोच-विचार
अफसर के जाने के बाद पापा बहुत सोचते रहे। बताओ, वह क्या-क्या सोच रहे होंगे? सही (✓) का निशान लगाओ।
- यह अफ़सर आखिर है कौन?
- अब मैं रोज़-रोज़ अपना इरादा नहीं बदल सकता।
- कुत्ता बनना बड़ा कठिन काम है।
- ये फ़ौजी अफ़सर मुझपर हँसा क्यों नहीं, बाकी सब तो हँसते हैं।
- इस अफसर को कुत्ता बनना नहीं आता। इसीलिए मुझे बहका रहा है।
उत्तर:
- अब मैं रोज़-रोज़ अपना इरादा नहीं बदल सकता।
- ये फ़ौजी अफ़सर मुझपर हँसा क्यों नहीं, बाकी सब तो हँसते हैं।
अगर
पापा ने कहा, “अपना ठेला मैं स्टेशन के पास ही खड़ा कसँगा।”
(क) अगर तुम पापा की जगह होतीं तो ठेला कहाँ लगात? ऐसा तुमने क्यों तय किया?
उत्तर:
स्टेशन के ही पास मैं भी ठेला लगाती क्योंकि वहाँ पर आइसक्रीम खूब बिकेगा।
(ख) अगर तुम रेल से सफर करोगी तो तुम्हें प्लेटफार्म और रेलगाड़ी में कौन-कौन लोग नज़र आएँगे?
उत्तर:
यात्रीगण, कुली, गार्ड, सिपाही, टी. टी., चाय बेचने वाले, समोसे बेचने वाले, किताबें और पत्रिकाएं बेचने वाले आदि लोग नजर आएँगे।
परिवार
पापा के पापा को दादा कहते हैं। इन्हें तुम अपने घर में क्या कहकर बुलाओगी?
| पापा के पापा | दादा जी | माँ के पापा | नाना जी |
| पापा की माँ | दादी जी | माँ की माँ | नानी जी |
| पापा के बड़े भाई | ताऊ जी | माँ के भाई | मामा जी |
| पापा की बहन | बुआ जी | माँ की बहन | मौसी जी |
| पापा के छोटे भाई | चाचा जी | बहन के पति | जीजाजी एक |
एक शब्द के बदले दूसरा
पापा को वायुयान चालक बनने की सूझी। इसके बाद उन्होंने अभिनेता बनने की सोची। इसके अलावा वह जहाज़ी भी बनना चाहते थे।
ऊपर के वाक्यों में उन्होंने और वह का इस्तेमाल पापा की जगह पर हुआ है। हम अक्सर एक ही शब्द को दोहराने की बजाय उसकी जगह किसी दूसरे शब्द का इस्तेमाल करते हैं। मैं, तुम, इस भी ऐसे ही शब्द हैं।
(क) पाठ में से ऐसे शब्दों के पाँच उदाहरण छाँटो।
उत्तर:
उनसे, उनका, मैं, उन्हें, तुम।
(ख) इनकी मदद से वाक्य बनाओ।
उत्तर:
- उनसे – उनसे पूछकर बताओ।
- उनका – उनका छोटा भाई पढ़ने में बहुत तेज है।
- मैं – आज मैं स्कूल नहीं जाऊँगा।
- उन्हें – उन्हें आदर दो।
- तुम – इस वक्त तुम कहाँ जा रहे हो?
कौन-किसमें तेज़
सभी बच्चे और बड़े किसी न किसी काम में माहिर होते हैं। कोई साइकिल चलाने में होशियार होता है तो कोई | चित्र बनाने में तेज़ होता है। तुम्हारे दोस्तों और परिवार में कौन किस काम में माहिर है? उनके नाम लिखो।।

तुम किन-किन चीज़ों में माहिर हो, यह भी बताओ।
उत्तर:
रोचक कहानियाँ गढ़ने में, खुलकर जोर से हँसने में, तरह-तरह की आवाजें बनाने में, दूसरों की नकल उतारने में, दौड़ने में और मुँह बनाकर लोगों को हँसाने में माहिर हूँ।
कैसे थे पापा
नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़ो। इन पंक्तियों के आधार पर बताओ कि तुम पापा के बारे में क्या सोचती हो?
(क) पापा के पास जवाब हमेशा तैयार होता था।
ऐसा लगता है कि पापा बहुत चतुर थे।
(ख) पापा का जवाब हमेशा अलग-अलग होता था।
ऐसा लगता है कि पापा बिना कुछ सोचे समझे बोलते थे।
(ग) मैं छोटे बच्चों को मुफ्त में आइसक्रीम दिया करूंगा।
ऐसा लगता है कि पापा बहुत दयालु थे।
(घ) रात में करने के लिए होता ही क्या है? रात में मैं चौकीदारी करूंगा।
ऐसा लगता है कि बहुत मेहनती थे।
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पापा जब बच्चे थे कहानी का सारांश
पापा जब छोटे थे तो उनसे अक्सर पूछा जाता था कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। पापा का जवाब कभी एक जैसा नहीं होता। शुरू-शुरू में वे चौकीदार बनना चाहते थे क्योंकि जब पूरा शहर सोता है तब चौकीदार जागता है। फिर उनकी नजर आइसक्रीम वाले पर गई और उन्होंने ठान लिया कि वे आइसक्रीम वाला बनेंगे। ठेले को लेकर घूमते हुए वे खूब आइसक्रीम खाएँगे। पापा के माता-पिता उनकी इस बात पर खूब हँसे । एक दिन पापा ने रेलवे स्टेशन पर शंटिग करने वाले आदमी को देख लिया। फिर क्या था। उन्होंने कहना शुरू किया कि वे बड़े होकर रेलगाड़ी के डिब्बों की शंटिग करेंगे। इसपर किसी ने उनसे पूछा-फिर आइसक्रीम बेचने के काम का क्या होगा? पापा ने जवाब दिया कि वे शंटिग करने वाला और आइसक्रीम बेचने वाला दोनों बनेंगे। जब उनसे पूछा गया कि वे दोनों काम एक साथ कैसे करेंगे तो पापा ने जवाब दिया कि वे सुबह में आइसक्रीम बेचा करेंगे और उसके बाद स्टेशन चले जाएंगे। कुछ देर डिब्बों की शंटिग करने के बाद वे फिर आइसक्रीम बेचने आ आएंगे। कुछ देर आइसक्रीम बेचकर फिर स्टेशन चले जाएँगे। सभी हँस पड़े। लेकिन पापा गुस्सा हो गए।
एक दिन अचानक पापा को वायुयान चालक बनने की सूझी। इसके बाद उन्होंने अभिनेता बनने की सोची। इसके अलावा वे जहाजी और बरवाहा भी बनना चाहते थे। अंत में एकदिन उन्होंने तय कर लिया कि वह असल में कुत्ता बनना चाहते हैं। उन्होंने बहुत जल्दी भौंकना भी सीख लिया। लेकिन वह अपने पैर से कान के पीछे खुजाना नहीं सीख पाए। इसके लिए वे कुत्ते के पास जाकर बैठ गए। उसी समय एक अजनबी फौजी अफसर उधर से निकला। वह खड़ा होकर पापा को देखने लगा। फिर उसने पूछा-यह तुम क्या कर रहे हो? पापा ने जवाब दिया-मैं कुत्ता बनना सीख रहा हूँ। फौजी अफसर ने फिर सवाल किया-तुम कुत्ता बनना क्यों चाहते हो? तब पापा ने जवाब में कहा कि वह बहुत दिनों तक इंसान बनकर रह चुके हैं। इसपर फौजी अफसर ने उनसे पूछा-इंसान किसे कहते हैं? पापा ने कहा-आप ही बता दीजिए। इसके बाद अफसर यह कहकर चला गया कि इसके बारे में तुम स्वयं सोचो। पापा सोचने लगे। अचानक यह बात उनकी समझ में आ गई कि वह रोज़-रोज़ अपना इरादा नहीं बदल सकते। और अंत में उन्होंने तय कर लिया कि वे एक अच्छा इंसान बनेंगे।
शब्दार्थ : अक्सर-प्रायः । पक्का-निश्चित । हैरानी–आश्चर्य। मजेदार-रोचक। अड़े रहे-टिके रहे। आँवाना-खोना। अचंभा-आश्चर्य। तय किया-निश्चय किया। अजनबी-अनजान व्यक्ति। वक्त-समय। इरादा-इच्छा।
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Chapterwise NCERT Solutions for Class 4 Hindi :
- chapter 1- मन के भोले-भाले बादल
- chapter 2- जैसा सवाल वैसा जवाब
- chapter 3- किरमिच की गेंद
- chapter 4- पापा जब बच्चे थे
- chapter 5- दोस्त की पोशाक
- chapter 6- नाव बनाओ नाव बनाओ
- chapter 7- दान का हिसाब
- chapter 8- कौन
- chapter 9- स्वंत्रता की ओर
- chapter 10- थप्प रोटी थप्प दाल
- chapter 11-पढ़क्कू की सूझ
- chapter 12- सुनीता की पहिया कुर्सी
- chapter 13- हुदहुद
- chapter 14- मुफ़्त ही मुफ़्त
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