Class 9: Hindi Lokvani Chapter 8 solutions. Complete Class 9 Hindi Lokvani Chapter 8 Notes.
Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokvani (Part 2): Chapter 8- झंडा ऊँचा सदा रहेगा
Maharashtra Board 9th Hindi Lokvani Chapter 8, Class 9 Hindi Lokvani Chapter 8 solutions
Questions and Answers
1. संजाल पूर्ण कीजिए।
प्रश्न 1.
संजाल पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

2. निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
हम कितने सुख सपने लेकर, इसको (ठहराते, फहराते, लहराते) हैं।
इस झंडे पर मर मिटने की, कसम सभी खाते हैं।
हिंद देश का है ये झंडा, घर-घर में लहरेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
भाषा बिंदु:
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए।
उत्तर:

संभाषणीय:
प्रश्न 1.
क्रांतिकारियों के जीवन से संबंधित कोई प्रेरणादायी प्रसंग / घटना पर आधारित संवाद बनाकर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
(चौरीचौरा कांड के विषय में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का संवाद प्रस्तुत करते हुए तीन छात्र)
- भगत सिंह: मित्रों, आज समय आ गया है कि हम अंग्रेज सरकार का पुरज़ोर तरीके से विरोध करें क्योंकि उनके अत्याचार से हमारी भारत माँ आहत हैं, दुखी हैं।
- सुखदेव: भारत माँ के लिए तो हम अपनी जान भी दे सकते हैं बताओ मित्र हमें क्या करना है?
- राजगुरु: हमने तो अपने सर पर कफन बाँध लिया है बताओ दोस्त हमें किस घटना को अंजाम देना है?
- भगत सिंह: मित्रों, आने वाली 4 फरवरी को हमें चौरीचौरा कस्बे के पुलिस चौकी पर हमला करना है तथा उस चौकी को नष्ट करना है क्योंकि यही वह चौकी है, जो गोरखपुर शहर जाने के मार्ग पर स्थित है बिना इसे नष्ट किए हमारे साथी क्रांतिकारी शहर में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।
- सुखदेव: मित्र, हम अंग्रेज सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें तथा ऐसा हमला करेगें कि उनके पास बचने के कोई उपाय नहीं होंगे।
- राजगुरु: वह सब तो ठीक है दोस्तों लेकिन हमें गुप्त रूप से अपनी योजना की जानकारी दूसरे क्रांतिकारी मित्रों तक पहुँचानी होगी। इस काम में हमारी मदद करेगें बाबू रामप्रसाद बिस्मिल। योजना के अनुसार 3 फरवरी से ही हमारे क्रांतिकारी मित्र चौरीचौरा कस्बे में जमा होना शुरू हो जाएँगे और ठीक 4 तारीख को आधी रात के समय चौकी पर हमला किया जाएगा।
- भगत सिंह: दोस्तों, यही जालियावाला बाग कांड के शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मित्रों एक बार साथ में बोलो-भारत माता की जय!
- सुखदेव: भारत माता की जय!
- राजगुरु: मातृभूमि की जय!
- सब साथ में: भारत माता की जय ! मातृभूमि की जय!
लेखनीय:
प्रश्न 1.
राष्ट्र का गौरव बनाए रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा किए सराहनीय कार्यों की सूची बनाइए।
उत्तर:
| प्रधानमंत्री का नाम | राष्ट्र गौरव के कार्य |
| 1. पं. जवाहर लाल नेहरू | 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन की रचना |
| 2. इंदिरा गांधी | 1. परमाणु कार्यक्रम की शुरूआत 2. बैंकों का राष्ट्रीकरण करना |
| 3. राजीव गाँधी | 1. गुट निरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व। 2. भारत को कम्प्यूटर से जोड़ना। |
| 4. पी. वी. नरसिम्हा राव | 1. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष नीति का प्रारंभ। 2. परमाणु कार्यक्रमों की शुरूआत करना। |
| 5. इन्द्र कुमार गुजराल | 1. श्रीलंका में शांति सेना भेजना। |
| 6. अटल बिहारी वाजपेयी | 1. कारगिल युद्ध में विजय 2. पोखरण में परमाणु परीक्षण। 3. संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण। |
| 7. डा. मनमोहन सिंह | 1. भारतीय अर्थ व्यवस्था को विश्व अर्थ व्यवस्था के साथ जोड़ देना। |
आसपास:
प्रश्न 1.
अपने जिले में सामाजिक कार्य करने वाली किसी संस्था का परिचय निम्न मुददों के आधार पर प्राप्त करके टिप्पणी बनाइए।
उत्तर:
मेरे अमरावती जिले में एक गैर सरकारी संस्था (हुद) कार्य कर रही है। ये संस्था बिना किसी सरकारी भागीदारी के समाज में अपना कार्य करती है। जिले में गैर सरकारी संगठन का कार्य अच्छे से चल रहा है। ये संस्था लोगों की सहायता के साथ-साथ स्वशिक्षा, शिक्षा के लिए अनुदान की व्यवस्था, गरीब लोगों को आर्थिक मदद की जरूरत भी पूरी करती है। जिले में इस संस्था के द्वारा गरीबों के भोजन व स्वच्छ पेय जल का पता लगाने एवं जरूरतमंद की मदद करने का कार्य अच्छी तरह से किया जा रहा है। उत्पीड़न के शिकार लोगों की मदद करना इस संस्था का मुख्य कार्य है। ये समुदाय धर्म विशेष पर ध्यान नहीं देती। ये तो सभी धर्मों का समान सम्मान करती है। मेरे जिले में इस संगठन का कार्य बहुत ही सराहनीय है। इस संगठन में ‘द चिल्ड्रेस लीगल सेंटर’ के द्वारा बच्चों के अधिकारों का पूर्ण रूप से ध्यान दिया जाता है।
कल्पना पल्लवन:
प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ इस कल्पना का विस्तार अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
‘मेरे सपनों का भारत कैसा हो?’ इस पर मेरे मन में कई तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। लेकिन मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत सुखी और संपन्न हो, सभी देशवासी शिक्षित हों, बेरोजगारी की समस्या दूर हो और भारत एक कर्मनिष्ठ तथा आत्मनिर्भर देश बनें। मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहाँ लोग मर्यादाओं का पालन करें तथा सभी देशवासियों में विश्व बंधुत्व की भावना हो। लोग सभी धर्मों का आदर करें तथा जातिगत का बंधन न हो। समाज मुक्त हो, सभी को एक जैसा अधिकार मिले। समाज में शोषण और अत्याचार न रहे। ‘सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा’ यह प्रेरणादायी पंक्तियाँ एक हकीकत बने और जब यह संभव होगा तभी हम देश पर गर्व कर पाएँगे। विश्व की प्राचीनतम सभ्यता इसी पावन धरती पर फली थी।
न जाने कितने ही महापुरुषों ने इस पवित्र धरती पर जन्म लिया है। इसी देश ने विश्व को वेद-पुराणों तथा गीता का संदेश सुनाया था। इसी भारतवर्ष ने संसार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का पाठ पढ़ाया था। मैं चाहता हूँ कि मेरे सपनों का भारत एक परिवार के समान हो। जहाँ कोई भेदभाव न हो। लोगों में परोपकार की भावना हो। भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश है; इसलिए किसान हमारे लिए देवता के समान हैं। जो हमारे लिए अन्न का उत्पादन करते हैं। इसलिए गाँव में सिंचाई की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसान वर्षा की अनिश्चिता से मुक्त हो सके। हमारा देश जो गाँवों में बसता है; वहाँ हर प्रकार की बुनियादी सुविधा हो जिससे गाँव के लोगों को शहर की तरफ जाने की जरूरत न पड़े।
किसी भी देश के विकास के लिए आवश्यक है शिक्षा और चिकित्सा। इसलिए गाँवों में स्कूल तथा स्वास्थ्य सेवा का ऐसा प्रावधान होना चाहिए जिससे लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा तथा सबके स्वास्थ्य को लेकर निश्चिंतता हो। हमारे देश में व्यवसायी वर्ग उपेक्षित है। किसान और मजदूर अपने खून को पसीना बनाने में नहीं हिचकते लेकिन लोग उन्हें आदर की दृष्टि से नहीं देखते हैं। मेरे सपनों के भारत में व्यापारी वर्ग, किसान व मजदूर खुशहाल होने चाहिए। इस प्रकार ‘मेरे सपनों का भारत’ ऐसा होना चाहिए कि हम सारे विश्व के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करें।
Additional Important Questions and Answers
(क) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति क (2): सरल अर्थ
प्रश्न 1.
प्रथम छह पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
(ख) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति ख (1): आकलन कृति
प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

कृति ख (2): सरल अर्थ
प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
उत्तर:
शान हमारी ये झंडा है, ये अरमान हमारा,
ये बल पौरुष है सदियों का, ये बलिदान हमारा।
जीवन-दीप बनेगा, ये अंधियारा दूर करेगा।
झंडा ऊँचा सदा रहेगा।।
उत्तर:
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
(ग) पद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
कृति ख (1): आकलन कृति
प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
उत्तर लिखिए।
1. हम यह कसम खाते हैं –
2. झंडा यहाँ लहरेगा –
उत्तर:
1. झंडे पर मर मिटने की।
2. घर-घर में।
कवि-परिचय:
जीवन-परिचय: रामदयाल पांडेय जी का जन्म बिहार में हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और राष्ट्रभाव के महान कवि थे। साहित्य को जीने वाले, अपने धुन के पक्के, आदर्श कवि और विद्वान संपादक के रूप में प्रसिद्ध रहे तथा उनके संस्थाओं से जुड़े रहे।
पद्य-परिचय:
प्रेरणा गीत: प्रेरणागीत हिंदी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। यह हमारे दिलों में उतर कर हमारी जिंदगी को संघर्ष करने की शक्ति और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
प्रस्तावना: प्रस्तुत कविता ‘झंडा ऊँचा रहेगा’ में कवि पांडेय जी ने अपने देश के झंडे का गौरवगान विभिन्न स्वरूपों में किया है।
सारांश:
कवि कहते हैं, हमारे देश का झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा। यह विकट से विकट परिस्थिति में भी नहीं झुकेगा। इस झंडे में तीन रंग की पट्टियाँ हैं और बीच में एक चक्र है। केसरिया रंग शक्ति का प्रतीक है। यह हमारे अंदर शक्ति भरने वाला है, सफेद रंग सच्चाई का प्रतीक है, हरा रंग हमारी धरती की हरियाली का प्रतीक है और चक्र गतिशीलता का प्रतीक है। यह झंडा हमारी शान, अरमान, बल पौरुष तथा बलिदान है। यह झंडा हर घर में लहराएगा। यह झंडा दुनिया के कोने-कोने में अपना संदेश सुनाएगा। हम इस झंडे पर मर मिटने की कसम खाते हैं।
सरल अर्थ:
ऊँचा सदा ………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि देश के तिरंगे झंडे का गौरव-गान करते हुए कहते हैं कि यह सर्वदा ऊँचा रहेगा, सदा ऊँचा रहेगा। भारत देश का प्यारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
टूफानों से ……………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं हमारे देश का झंडा तूफानों और बादलों से भी नहीं झुकेगा, अर्थात बड़े से बड़े शत्रुओं के आक्रमण से भी नहीं झुकेगा। कभी नहीं झुकेगा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
केसरिया बल ……………. ऊँचा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगे झंडे का केसरिया रंग देश की शक्ति का प्रतीक है, यह हमारे अंदर शक्ति भरता है, सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक है, यह हमें सच्चाई का मार्ग दिखाता है, हरा रंग भूमि की पवित्रता, उर्वरता और वृद्धि को दर्शाता है और चक्र यह हमें उन्नति के मार्ग पर हमेशा कदम बढ़ाते रहने का संदेश देता है। हमारा यह झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
शान हमारी ……………………… ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, ये तिरंगा झंडा हमारी शान और हमारा अरमान है। यह झंडा सदियों के शक्ति-पराक्रम और हमारे बलिदान की निशानी है। यह तिरंगा हमारे जीवन का दीपक बनेगा तथा अंधकार को दूर करेगा, अर्थात कठिनाइयों और बुराइयों को दूर करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
आसमान में …………………….. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, तिरंगा झंडा आसमान और बादल में हमेशा लहराता रहे। यह झंडा जहाँ-जहाँ जाए अपनी बात, अपना संदेश और अपना संवाद लोगों को सुनाए, अर्थात लोगों को सत्य-अहिंसा और भाईचारे का संदेश दे। आज हिंदुस्तान ही ऐसा देश है जो पूरे संसार को भेद-भाव और हिंसा जैसी बुराइयों से आजाद करेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
नहीं चाहते …………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम दुनिया को अपना दास नहीं बनाना चाहते, दूसरों की बात और फटकार नहीं सुनना चाहते तथा हम दूसरों के मुँह का निवाला भी छीन कर नहीं खाना चाहते। हमारा खून हमेशा सत्य और न्याय के लिए बहेगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
हम कितने ………………………. ऊँचा सदा रहेगा।।
कवि कहते हैं, हम कितने सुख तथा सपने लेकर इस झंडे को गाड़ते, फहराते और लहराते हैं। हम सब इस झंडे पर मर मिटने की सौगंध खाते हैं। यह हिंदुस्तान का झंडा है, यह घर-घर में लहराएगा। हमारा झंडा हमेशा ऊँचा रहेगा।
शब्दार्थ:
- सदा – हमेशा
- बल – शक्ति
- शान – गरिमा, मर्यादा
- अरमान – इच्छा
- पौरुष – पुरुषार्थ, पराक्रम, साहस
- दास – सेवक, गुलाम
- फटकार – डाँट
- लहू – खून, रक्त
- लहराना – फहराना
- कसम – सौगंध
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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokvani (Part 2): Chapter 8- झंडा ऊँचा सदा रहेगा
Chapterwise Maharashtra Board Solutions Class 9 Hindi Lokvani :
Part 1
- Chapter 1- नदी की पुकार
- Chapter 2- झुमका
- Chapter 3- निज भाषा
- Chapter 4- मान जा मेरे मन
- Chapter 5- किताबें कुछ कहना चाहती
- Chapter 6- इत्यादि’ की आत्मकहानी
- Chapter 7- छोटा जादूगर
- Chapter 8- जिंदगी की बड़ी जरूरत है हार..!
Part 2